केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से MP के लिए रिलीव हुए IAS गुप्ता, पुलिस मुखिया की खोज तेज
भोपाल
प्रदेश में वित्त समेत कुछ अन्य विभागों में दो प्रमुख सचिव पदस्थ किए जाने के बाद अब प्रमोशन पाने वाले तीन नए अफसरों की मौजूदा पदस्थापना से नगरीय विकास विभाग में तीन पीएस हो गए हैं। ऐसे में अब इनका एक या दो अफसरों का स्थानांतरण होना तय है। उधर पुलिस महकमे में भी पुलिस महानिदेशक की नई जिम्मेदारी को लेकर भी कवायद शुरू हो गई है और इसके लिए दावेदार अफसरों के नाम चर्चा में हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सचिव स्तर के तीन आईएएस अफसरों को प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इस पदोन्नति से नगरीय विकास एवं आवास विभाग में प्रमुख सचिव स्तर के तीन आईएएस अधिकारी हो गए है। ऐसे में जल्द ही दो आईएएस अधिकारियों को अन्य जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात 1992 बैच के आईएएस अधिकारी केसी गुप्ता केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से मध्यप्रदेश वापस लौट रहे है। केन्द्र सरकार ने उन्हें मध्यप्रदेश के लिए रिलीव कर दिया है।
नगरीय प्रशासन विभाग में पहले से ही प्रमुख सचिव के पद पर मनीष सिंह कार्यरत है। अब सामान्य प्रशासन विभाग ने सचिव स्तर के तीन अधिकारियों को प्रमुख सचिव बना दिया है। इनमें से दो अधिकारी नगरीय विकास एवं आवास से जुड़े हुए है। आयुक्त नगरीय प्रशासन निकुंज श्रीवास्तव को विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी सह प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास, आयुक्त सह संचालक नगर एवं ग्राम निवेश तथा सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी देख रहे मुकेश चंद्र गुप्ता को उसी स्थान पर प्रमुख सचिव बनाया गया है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव आकाश त्रिपाठी को भी प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास और आयुक्त तकनीकी शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग में अब तीन-तीन प्रमुख सचिव होने के कारण जल्द ही दो अधिकारियों को अन्य विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। निकुंज श्रीवास्तव और मुकेश चंद्र गुप्ता को अन्य विभागों की जिम्मेदारी सौपी जा सकती है। उनके स्थान पर यहां सचिव स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना की जाएगी।
गुप्ता को समय से पहले मध्यप्रदेश भेजा
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर पदस्थ मध्यप्रदेश कॉडर के 1992 बैच के आईएएस केसी गुप्ता को डीओपीटी ने मध्यप्रदेश के लिए रिलीव कर दिया है। वे एक-दो दिन के भ्ीातर मध्यप्रदेश मंत्रालय में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। गुप्ता की केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति की अवधि अभी बाकी थी। उन्हें समय से पहले मध्यप्रदेश वापस भेजा गया है। इसके पहले राधेश्याम जुलानिया और नीरज मंडलोई को भी समय से पहले रिलीव किया गया था।
एमपी के अफसरों को पहले भी समय से पहले वापस लौटाया...
केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए आईएएस अफसरों को प्रतिनियुक्ति अवधि से पहले वापस मध्यप्रदेश भेजे जाने का यह पहला मामला नहीं है जब मध्यप्रदेश कॉडर के 1992 बेच के आईएएस केसी गुप्ता को मध्यप्रदेश समय से पहले वापस भेजा गया है। इसके पहले भी अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी राधेश्याम जुलानिया को केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति की अवधि पूरी होने से पहले ही मध्यप्रदेश वापस भेजा गया था। लेकिन मध्यप्रदेश वापसी के बाद उन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडल का अध्यक्ष बनाया गया। विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी से उनकी पटरी नहीं बैठी और उन्हें वहां से हटाकर मंत्रालय में ओएसडी बनाया गया। लंबे समय तक उनकी पोस्टिंग नहीं हुई और वे रिटायर हो गए। केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात नीरज मंडलोई को भी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी होंने से पहले ही मध्यप्रदेश वापस भेज दिया गया था।

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