40 के बाद कैसे रखें हार्ट का ख्याल
हाल ही में 40 की उम्र में टीवी एक्टर सिदार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत सभी के लिए बड़ा झटका है। उनकी मौत के बाद अटैक आने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कोई इसकी वजह जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना बताता है, तो किसी ने उनकी स्मोकिंग की आदत को अटैक के लिए जिम्मेदार बताया है। कारण जो भी हो, लेकिन इस दर्दनाक घटना को देखते हुए अब कार्डियक अरेस्ट को रोकने के लिए जीवनशैली और आहार में कुछ बदलाव लाना बेहद जरूरी है।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर डॉ.जील गांधी का कहना है कि सैचुरेटेड फैट का अधिक सेवन और खुद को गुड फैट से दूर रखने ये अचानक से दिल का दौरा पड़ सकता है। उनके अनुसार, गलत जीवनशैली और खराब खान-पान के कारण लोग बैड कोलेस्ट्रॉल से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जो शरीर बहुत मुश्किल से पचा पाता है। इस तरह के खान-पान से हमारे ह्रदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
ज्यादातर लोग इन दिनों जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल का सेवन कर रहे हैं, जो फास्ट फूड में पर्याप्त मात्रा में होता है। डॉ.गांधी के अनुसार फास्ट फूड से परहेज करना चाहिए। दरअसल, सभी फास्ट फूड पाम ऑयल डेरिवेटिव्स से भरे रहते हैं, जिसे शरीर ठीक से मेटाबॉलाइज नहीं कर पाता। शरीर में ये कोलेस्ट्रॉल अंदर ही अंदर उन लोगों में कार्डियक अरेस्ट की संभावना को बढ़ाता है, जो वास्तव में बहुत हेल्दी और फिट दिखते हैं। लेकिन ध्यान रखें, तेल खाने से दूरी बनानी है, पर घी का सेवन करना है।
हेल्दी फैट का सेवन करें-
डॉक्टर कहते हैं कि हेल्दी फैट का सेवन न करना भी कार्डियक अरेस्ट की संभावना को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। दरअसल, लोग वजन कम करने और फिट रहने के लिए हेल्दी फैट से दूरी बना लेते हैं। जबकि असल में ऐसा करना दिल को परेशानी में डाल सकता है।
दिल की बीमारी है, तो जरूर खाएं घी-
आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह है कि अगर आपको दिल की बीमारी है , तो भी हमारे आहार में घी या अच्छे वसा की स्वस्थ मात्रा होना अच्छा है। क्योंकि ये धमनियों को चिकनाई देने और उन्हें नरम और नम रखने में मदद करते हैं। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, तो आपका शरीर दबाव को अवशोषित करने में सक्षम होना चाहिए।
तनावपूर्ण विचारों से निपटें-
आयुर्वेद का मानना है कि दिल का हमारी भावनाओं से गहरा नाता है। डॉ.गांधी के अनुसार, पैरासिंपेथेटिक सिस्टम विचारों से इतना करीब से जुड़ा है कि थोड़ी सी भी चिंता या नाखुश होना भी ब्लड प्रेशर में तुरंत बदलाव ला देता है। वह बताती हैं कि अपनी भावनाओं से स्वस्थ तरीके से निपटना बहुत जरूरी है, क्योंकि तनाव और मानसिक स्वास्थ्य ह्रदय स्वस्थ्य से जुड़े हुए हैं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं-
दिल को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ भोजन करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, आपकी प्रकृति कफ, पित्त, वात के आधार पर ह्रदय स्वास्थ्य के लिए आपको अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। डॉ.गांधी वात वाले लोगों के लिए अश्वगंधा और अर्जुन जड़ी-बूटी, पित्त वाले लोगों के लिए आंवला और अनार और कफ वाले लोगों के लिए दालचीनी और त्रिफला का सेवन करने की सलाह देती हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक एक्सरसाइज, प्रॉपर डाइट और तनाव दूर करना आपके दिल को स्वस्थ रखने में सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञ लोगों से संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपनी जीवनशैली में ये छोटे-छोटे बदलाव करने का सुझाव देती हैं।

पाठको की राय