रिमांड होम में कितनी सुरक्षित हैं महिलाएं
बिहार
बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में बच्चियों के यौन शोषण के मामले के बाद हुआ हंगामा भी हालात बदलने में नाकाम रहा है. अब एक और रिमांड होम विवादों में है"नशे का इंजेक्शन देकर वहां गंदा काम करने पर मजबूर किया जाता है. मेरे साथ भी ऐसी हरकत हुई. सुंदर लड़कियां वंदना गुप्ता की चहेती हैं. जो उसके खिलाफ रहती है, उसे पागल करार दे दिया जाता है. उसे भूखा रखा जाता है. जिंदगी बनाने के नाम पर लड़कियों को रिमांड होम के बाहर जिस्मफरोशी के लिए भेजा जाता है. शाम के बाद वहां अक्सर बाहरी लोगों को आना-जाना होता है. वह कहती है, यहां आती हो पुलिस की मर्जी से लेकिन जाओगी वंदना गुप्ता की मर्जी से,” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवती ने ये सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. यह वीडियो उस युवती का है जो बिहार की राजधानी पटना के गायघाट स्थित रिमांड होम में करीब सात माह रहने के बाद तीन महीने पूर्व वहां से बाहर निकली है. इस युवती के आरोपों ने एक बार फिर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड की याद ताजा कर दी है. करीब ढाई मिनट के इस वीडियो में युवती कहती है, "हसीना नाम की एक युवती को फांसी लगा दी गई थी. अभी तक पागलखाने में उसका कंकाल होगा. हसीना ने सुइसाइड नहीं किया था, उसे मारा गया था.” कई गंभीर आरोप इनके अलावा भी युवती ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

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