Friday, October 23rd, 2026

तीन वर्षो में 242 दम्पत्तियों को दी गई 4 करोड 83 लाख की सम्मान व पुरस्कार राशि

रायपुर
अंतरजार्तीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत दम्पत्तियों में से लड़का या लड़की किसी एक को अनुसूचित जाति संवर्ग का तथा दूसरे को गैर अनुसूचित संवर्ग का होना चाहिए। इस दृष्टि से इन दम्पत्तियों द्वारा उठाए गए आदर्श कदम के लिए उन्हें शासन द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाता है। रायपुर जिले में पिछले तीन वर्षो में ऐसे 242 दम्पत्तियों को 4 करोड 83 लाख रुपए की सम्मान एवं पुरस्कार राशि प्रदाय की गई हैं।

योजना के तहत दम्पत्तियों को ढाई लाख की राशि प्रदाय की जाती है। इसमें से एक लाख रुपए की राशि दम्पत्ति के संयुक्त बैंक खाते में एन.ई.एफ.टी के माध्यम से जमा कराई जाती है। शेष डेढ लाख रुपए की राशि दम्पत्ति के संयुक्त नाम एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के पदनाम से संयुक्त रूप से राष्ट्रीयकृत बैंक में तीन वर्ष के लिए फिक्स डिपोजित कराई जाती है। योजना के तहत आवेदक या आवेदिका को छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। रायपुर जिले में वर्ष 2018-19 में अंतरजार्तीय विवाह करने वाले 48 दम्पत्तियों को 23 लाख रुपए, वर्ष 2019-20 में 59 दम्पत्तियों को 1 करोड़ 47 लाख रुपऐ तथा वर्ष 2020-21 में 135 दम्पत्तियों को 3 करोड़ 12 लाख रुपए की सम्मान एवं पुरस्कार राशि प्रदाय की गई है।

योजना के तहत वर्ष 2019 में संशोधन किया गया है और इसके तहत दम्पतियों को मिलने वाली राशि 50 हजार रुपए को बढाकर ढाई लाख रुपए किया गया है। योजना का संचालन राज्य शासन के आदिवासी विकास विभाग द्वारा किया जाता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए ऐसे अंतरजार्तीय विवाह करने वाले दम्पत्तियों को विभाग के जिला या विकासखंड कार्यालय में विधिवत प्रपत्र में आवेदन करना होता है। ऐसे विवाह समतामूलक और समरस समाज की स्थापना में प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।

 

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Source : Agency

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