परीक्षाओं में ‘हिन्दी’ 21 साल से नंबर वन, 28 मार्च से शुरू हो गईं हैं परीक्षाएं
रामनगर
उत्तराखंड शिक्षा परिषद की देखरेख में होने वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की शुरुआत सोमवार 28 मार्च से हो जाएगी। खास बात यह है कि 28 मार्च से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलने वाली परीक्षाओं का पहला प्रश्न पत्र 21 साल बाद भी हिन्दी का ही होगा। यूपी से अलग होने के बाद रामनगर में बने माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साल 2001 में पहली बार कुमाऊं व गढ़वाल मंडल के विद्यार्थियों की बोर्ड की परीक्षा अपनी देखरेख में संपन्न कराई थी। तब भी हिन्दी के पेपर से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू हुई थी। रामनगर के कानिया में नौ फरवरी 1996 में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया था। नौ नवंबर 2000 में राज्य के गठन के बाद भी कुमाऊं व गढ़वाल के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की परीक्षाएं माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की देखरेख में ही होती रहीं।
22 सितंबर 2001 में उत्तरांचल शिक्षा एवं परीक्षा परिषद का गठन हुआ। शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार यूपी के दौर में भी अधिकतर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का पहला पेपर हिन्दी का ही होता रहा है। सोमवार यानी आज से होने वाली बोर्ड परीक्षा की शुरुआत भी हिन्दी के पेपर से ही हो रही है। 11 दिसम्बर 2008 को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद का गठन हुआ। अन्य विषयों में होता रहा फेरबदल : अंग्रेजी, गणित, कला आदि की परीक्षाएं हिन्दी की तरह नहीं होती हैं। साल दर साल अंग्रेजी, गणित, वाणिज्य, विज्ञान आदि के पेपरों का क्रम अलग-अलग रहता है।
कोरोना काल में बढ़ गया पासिंग प्रतिशत
अन्य सालों में बोर्ड का पासिंग प्रतिशत 70 से 80 के बीच रहता था। लेकिन कोरोना काल में पिछली कक्षा के आधार पर दिए गए अंकों ने बोर्ड के पासिंग प्रतिशत को बढ़ा दिया। 2021 हाईस्कूल की परीक्षा में 99.09 प्रतिशत तो इंटर में 99.56 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।

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