उच्च शिक्षा विभाग: वेरीफिकेशन में स्टूडेंट्स को जरूरी नहीं प्रक्रिया
भोपाल
प्रदेश के 1450 निजी और सरकारी कॉलेजों के आगामी सत्र 2021-22 में प्रवेश देने एक अगस्त से पंजीयन शुरू हो जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाने आॅनलाइन वेरीफिकेशन करेगा। वेरीफिकेशन में विद्यार्थियों को ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत नहीं होगी, लेकिन प्रवेश निरस्त कराने और फीस जमा करने विद्यार्थियों को ओटीपी भेजा जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग एक अगस्त से यूजी-पीजी की काउंसलिंग शुरू करेगा। एमपी बोर्ड ने 12वीं के रिजल्ट दे दिए हैं। अब सीबीएसई से 12वीं का रिजल्ट आने की देर है, जो 15 अगस्त तक जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं। विभाग एक अगस्त से काउसंलिंग शुरू कर रहा है और वेरीफिकेशन का कार्य दो अगस्त से शुरू हो जाएगा। आॅनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में सबसे ज्यादा समस्या विद्यार्थियों को ओटीपी देने में आती है। इसलिए विभाग ने विद्यार्थियों का वेरीफिकेशन आनलाइन करने के लिए ओटोपी पर विराम लगा दिया है।
कोई विद्यार्थी अपना गृह जिला छोड़कर दूसरे जिलों के कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए पंजीयन कराकर दस्तावेज आॅनलाइन जमा करता है तो विभाग उसके गृह जिले के कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर के आईडी पर दस्तावेज भेज जाएंगे। वेरीफिकेशन करने के लिये प्रोफेसर को 24 घंटे का समय दिया जाएगा, ताकि अगले दिन के दस्तावेज भी प्रोफेसर के भेजकर वेरीफिकेशन कराया ज सके।
विद्यार्थियों के रोल नंबर से 12वीं का वेरीफिकेशन होगा। उनके जाति, मूल निवास, संभल और अन्य दस्तावेजों को विद्यार्थी स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। विभाग रात 12 बजे सभी दस्तावेजों को वेरीफाई करने प्रोफेसरों के लॉगिन पर भेजेंगे। इसमें विद्यार्थी के दस्तावेज साफ नहीं दिखाई देते हैं, तो प्रोफेसर विद्यार्थी एसएमएस और फोन कर सभी दस्तावेज के साथ कॉलेज तलब करेंगे। इसके उसका वेरीफिकेशन किया जाएगा।
एमपी बोर्ड ने सवा सात लाख विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी किया है। अभी सीबीएसई का रिजल्ट आना शेष है। विभाग यूजी की आठ लाख और पीजी की तीन लाख सीटों पर प्रवेश कराने दो राउंड की काउंसलिंग और एक कॉलेज लेवल काउसंलिंग (सीएलसी) कराएगा।

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