शहपुरा आरओबी के एप्रोच पुनर्निर्माण के लिये उच्चस्तरीय बैठक
भोपाल
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि क्षतिग्रस्त शहपुरा जबलपुर रेलवे ओवर ब्रिज के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण पूरी तकनीकी गंभीरता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। पुनर्निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और दीर्घकालीन स्थायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्य के प्रत्येक चरण में निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और पुनर्निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
मंत्री सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण होने तक नागरिकों एवं यातायात के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन के लिए निर्धारित किए गए तीनों वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह आवागमन योग्य बने रहें। इन मार्गों सतत रख-रखाव एवं आवश्यक मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा उपायों के प्रबंधों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
मंत्री सिंह ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय पर शहपुरा (जबलपुर) रेलवे ओवर ब्रिज के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे ओवर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच के पुनर्निर्माण की प्रगति, अब तक किए गए सुरक्षा उपायों, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था, तकनीकी परीक्षणों और प्रस्तावित स्थायी समाधान की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री सिंह को अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वर्तमान स्थिति और विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया। मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि तकनीकी परीक्षणों और विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर स्थायी समाधान को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी प्रत्येक पहलू का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आवागमन के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित
शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ा है। इसे देखते हुए नागरिकों और भारी वाहनों के आवागमन के लिए तीन वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। मंत्री सिंह ने इन मार्गों पर आवश्यक सुधार एवं सुरक्षा संबंधी कार्य प्राथमिकता से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों पर आवागमन के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। भारी वाहनों के दबाव को ध्यान में रखते हुए मार्गों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी आवश्यकता हो, तत्काल सुधार कार्य कराया जाए।
शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग : 20 अगस्त तक पूर्ण होंगे सुधार कार्य
दूसरा वैकल्पिक मार्ग शहपुरा–कृषि उपज मंडी–रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग है। इसकी कुल लंबाई लगभग 4.80 किलोमीटर है। इसमें से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा मंडी प्रांगण के अंदर से, 300 मीटर अस्थाई मार्ग पर डामरीकरण कर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किये जा रहे आर ओ बी के एप्रोच से जोड़ दिया गया है, जिसका उपयोग स्थानीय यातायात द्वारा किया जा सकेगा।
मंत्री सिंह ने इस मार्ग के कच्चे हिस्सों पर आवश्यकता के अनुसार पीसीसी एवं पेवर ब्लॉक लगाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और मार्ग को आवागमन के लिए व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जरूरी स्थानों पर संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।
मंत्री सिंह ने दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों के विभाजन के कारण किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।
जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग : 15 सितम्बर तक पूर्ण होंगे सभी सुधार कार्य
लगभग 36 किलोमीटर लंबा जबलपुर–पाटन–शहपुरा मार्ग मुख्य वैकल्पिक मार्ग है। राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से संचालित हो रहा है। इस मार्ग पर जहां-जहां ट्रैफिक कंजेस्शन की स्थिति बनती है वहां रोड शोल्डर निर्माण तथा मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग के सभी आवश्यक स्थानों पर स्पष्ट, पर्याप्त और दूर से दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाएं, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि मार्ग पर यातायात सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक कार्य 15 सितम्बर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। संपूर्ण सुधार कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा कराया जाएगा।
मंत्री सिंह ने कहा कि भारी वाहनों के नियमित आवागमन के कारण मार्ग की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए। आवश्यकता के अनुसार मरम्मत और अन्य सुरक्षा कार्य तत्काल किए जाएं, जिससे यातायात निर्बाध और सुरक्षित बना रहे।
3. सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग को बनाया जाएगा यातायात के अनुकूल
तीसरा वैकल्पिक मार्ग सहजपुर–किसरोद–टिपराह–नोनी–घुनसौर मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 6.50 किलोमीटर है। इसमें 3.18 किलोमीटर हिस्सा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आता है।
मंत्री सिंह ने इस पूरे मार्ग को यातायात के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आने वाले 3.18 किलोमीटर हिस्से सहित मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जाएंगे। सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की है। उन्होंने मार्ग पर आवश्यक मरम्मत, पर्याप्त संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा। मार्ग की स्थिति का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।
वैकल्पिक मार्गों की सतत निगरानी और विभागों के बीच समन्वय के निर्देश
मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि शहपुरा आरओबी के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण पूर्ण होने तक तीनों वैकल्पिक मार्गों की नियमित निगरानी की जाए। इन मार्गों पर यातायात की स्थिति और वाहनों के दबाव का आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था केवल मार्ग निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि ये मार्ग हर समय सुरक्षित और आवागमन योग्य बने रहें। किसी मार्ग पर समस्या सामने आने पर उसके निराकरण के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। भारी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से यातायात व्यवस्था संचालित करें। नागरिकों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण की जाएं।
निर्माण कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं
मंत्री सिंह ने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता अथवा कार्य को अधूरा छोड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण एजेंसियों को अनुबंध की शर्तों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा। जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली एजेंसी और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य की प्रत्येक स्तर पर निगरानी की जाए। सुरक्षा, गुणवत्ता और समय-सीमा से संबंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के साथ कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाए।
निर्माण करने वाली एजेंसी डिबार, उनके प्रबंध निदेशक के विरुद्ध एफआईआर
आरओबी का निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी द्वारा दायित्वों का पालन न करने के विरुद्ध विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। निर्माण एजेंसी मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.–मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। इसके साथ ही मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
मंत्री सिंह ने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में जवाबदेही सर्वोपरि है। दायित्वों के अनुरूप कार्य न करने, उन्हें अधूरा छोड़ने, निर्माण में लापरवाही करने अथवा गुणवत्ता से समझौता करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहपुरा आरओबी के एप्रोच के स्थायी पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालीन समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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