उज्जैन, आगर और राजगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट,कुंडालिया डैम के 7 गेट खुले
उज्जैन
सितंबर ने मध्यप्रदेश के कई जिलों को सूखे से बचा लिया है। 24 घंटों में इंदौर-भोपाल समेत प्रदेश के 52 में से 46 जिले तरबतर हो गए। आगर-मालवा, राजगढ़ और रायसेन में तो रातभर से जारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। आगर के सोयत में खेत पर काम करने गए महिला-पुरुष कालीसिंध नदी के उफान पर आने से फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं, कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेट खोल दिए गए हैं। राजगढ़ में मोहनपुरा डैम के 8 गेट खुलने से नेवज नदी उफान पर है। इस कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया गया है। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड पर स्थित दुकानों में घुटने तक पानी घुस गया है। रायसेन में भी बारिश के कारण दो मंजिला जर्जर मकान ढह गया है। इधर, अगले 24 घंटे में उज्जैन, आगर और राजगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट है।
आगर मालवा में कंठाल नदी के उफान पर
आगर मालवा में हो रही लगातार बारिश से कंठाल नदी के उफान पर है। इस कारण सुसनेर-पिड़ावा मार्ग बंद हो गया है। नलखेड़ा-कानड़ मार्ग भी बंद है। प्रेमबाई और कालू कुशवाह कालीसिंध नदी और बरसारी नाले के उफान पर आने से खेत में फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने दोनों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला है। इसके अलावा नलखेड़ा में लखुंदर नदी के बड़े पुल तक पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है। सुसनेर और नलखेड़ा और बिजनाखेड़ी में निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पिलवास गांव तो टापू में तब्दील हो गया है। कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेटों को खोल दिए गए हैं।
राजगढ़ में मोहनपुरा डैम के 8 गेट खोले गए
राजगढ़ में शुक्रवार देर रात से झमाझम बारिश हो रही है। खिलचीपुर की गाड़ गंगा नदी के उफान पर आने से छोटा पुल डूब गया है। बारिश के कारण सोवारिया स्थित शिव मंदिर पर जाने का रास्ता बंद हो चुका है। लगातार पानी की आवक से मोहनपुरा डैम लबालब है। जलस्तर को मेंटेन करने के लिए डैम के 8 गेटों को खोलकर पानी निकाला जा रहा है। मोहनपुरा डैम से निकलने वाला पानी नेवज नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से नदी उफान पर आ गई है। पुराने बस स्टैंड में नदी का पानी पहुंचने से यहां स्थित दुकानों में घुटने तक पानी भर गया है।

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