हमीदिया शिशु वार्ड : नये साल में ही होगी सुल्तानिया अस्पताल की हमीदिया में शिफ्टिंग
भोपाल
हमीदिया अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य आगे खिसकते जा रहे हैं। हमीदिया अस्पताल के नए भवन का ब्लॉक-2 का काम 24 नवंबर तक तैयार नहीं हो पाएगा क्योंकि वहां पर चल रहे काम की गति काफी धीमी है। पिछले दिनों यहां के कमला नेहरू अस्पताल में आग लगने के बाद अब पूरे अस्पताल का फायर आॅडिट किया जाना था लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है। यहां की सबसे बड़े दिक्कत है कि अस्पताल की वायरिंग सालों पुरानी है और यहां पर लोड बढ़ता जा रहा है।
सुल्तानिया अस्पताल गांधी मेडिकल कालेज का ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग है, लेकिन कालेज और हमीदिया अस्पताल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर होने की वजह से एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में मरीज, डाक्टरों और अन्य स्टाफ को आने-जाने में दिक्कत होती है। सुल्तानिया में पैदा होने वाले नवजात बच्चों के बीमार होने की स्थिति में फौरन हमीदिया अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भेजा जाता है। दूर होने की वजह से बच्चों की हालत बिगड़ने लगती है। नेत्र विभाग अभी कमला नेहरू अस्पताल में संचालित हो रहा है। नया अस्पताल शुरू होने के बाद इसे भी नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मो. सुलेमान ने यह समय सीमा तय की थी। यह अस्पताल बनने के बाद सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुल्तानिया अस्पताल को यहां पर शिफ्ट किया जा सकेगा। हमीदिया अस्पताल में 800 बिस्तर वाला ब्लाक-1 अगले साल फरवरी तक में तैयार होने की उम्मीद है। हमीदिया अस्पताल के नए भवन के ब्लाक-2 में 700 बिस्तर हैं। इसके अलावा 91 बिस्तर निजी वार्डों में हैं। कुछ छोटी कमियों को छोड़ दें तो अस्पताल बनकर तैयार हो गया है। यहां पर चल रहे कामों का एजेंसी पीआइयू और हमीदिया अस्पताल के डाक्टरों की टीम द्वारा नए सिरे से निरीक्षण किया जाएगा।

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