अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराया शासकीय रास्ता
बारीगढ़
कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसी तारतम्य में नगर परिषद बारीगढ़ में वर्षों से एक विवादित शासकीय रास्ते में कुछ अतिक्रमणकारियों ने मकान बनाकर कब्जा कर लिया था, जिसकी शिकायत तहसीलदार, एसडीएम यहां तक कि कलेक्टर से भी की गई थी। सीएम हेल्पलाइन में भी शासकीय रास्ते को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने की शिकायत की गई लेकिन अभी तक यह अतिक्रमण नहीं हटा। गौरिहार तहसीलदार सैवाल सिंह एवं नगर पंचायत बारीगढ़ के सीएमओ ने राजस्व अमले के साथ पहुंचकर कार्यवाही करते हुए अतिक्रमणकारियों के कब्जे से शासकीय रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करा लिया।
पहले दिया गया था नोटिस
शासकीय रास्ते में अतिक्रमण करने वालों को पहले नोटिस दिया गया था और नोटिस में अतिक्रमण हटाने की समय-सीमा निर्धारित की गई थी लेकिन जब अतिक्रमणकारियों ने समय-सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया तो राजस्व और नगर पंचायत के अमले ने दल-बल के साथ पहुंचकर शासकीय रास्ते से अतिक्रमण हटा दिया। यह अतिक्रमण नगर परिषद कार्यालय के पीछे बस स्टैण्ड के पास मौजा जुझारनगर के खसरा क्रमांक 2008 में किया गया था।
जेसीबी से तोड़ा निर्माणकार्य
जिस सरकारी खसरा नंबर पर अतिक्रमण करके मकान बनाया गया था उसे जेसीबी से तोड़ दिया गया। साथ ही अतिक्रमणकारियों ने तार, बारी, पत्थर, बाउण्ड्री बनाकर गेट भी लगा दिया था जिसे भी अतिक्रमण हटाओ अमले ने ध्वस्त कर दिया। इस कार्यवाही काे देखकर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि काफी दिनों से लोग यह अतिक्रमण हटाने की शिकायत कर रहे थे।
कार्यवाही में रही इनकी भूमिका
शासकीय भूमि के रास्ते से अतिक्रमण हटाने में जिन अधिकारियों, कर्मचारियों की भूमिका रही उनमें गौरिहार तहसीलदार सैवाल सिंह, बारीगढ़ नगर परिष्ाद के सीएमओ श्रवण कुमार द्विवेदी, सदर पटवारी महेन्द्र सिंह, पटवारी दान सिंह, थाना जुझारनगर के प्रधान आरक्षक हितेन्द्र दुबे, आरक्षक अनिल छारी, नगर परिषद के बाबू महगूलाल रैकवार, बृजेश खरे और सफाई अमला शामिल रहा।

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