Tuesday, October 20th, 2026

घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार को बजट में सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाना चाहिए : आईसीसी

नई दिल्ली
 इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) ने सरकार को घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इस्पात, सौर बैटरी, एल्यूमीनियम और लिथियम सेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाने का सुझाव दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 23 जुलाई को पूर्ण केंद्रीय बजट पेश करेंगी।

आईसीसी के अध्यक्ष अमेय प्रभु ने कहा कि इस्पात, सौर बैटरी, एल्युमीनियम और लिथियम सेल सहित अन्य क्षेत्रों में घरेलू उद्योग की वृद्धि के लिए सुरक्षात्मक उपायों की आवश्यकता है। प्रभु ने कहा, ‘‘इन विशिष्ट क्षेत्रों में समग्र रूप से सीमा शुल्क को युक्तिसंगत बनाने की आवश्यकता है। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और भारत को विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की अपार संभावनाएं हैं।’’ उन्होंने कहा कि कच्चे माल पर शुल्क से घरेलू कम्पनियों खासकर ‘डाउनस्ट्रीम’ कंपनियों पर असर पड़ता है।

‘अपस्ट्रीम’ कंपनियां तेल तथा गैस की खोज और उत्पादन में शामिल हैं, जबकि ‘डाउनस्ट्रीम’ कंपनियां तेल तथा गैस उत्पादों के शोधन, विपणन व वितरण का काम करती हैं। उन्होंने मिश्रित पेट्रोलियम गैस पर शुल्क को पांच प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत करके उलटे शुल्क ढांचे में सुधार करने का भी अनुरोध किया। लाभांश पर कर न लगाने की भी सिफारिश की गई है।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में आईसीसी ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया है। यह वास्तव में विश्व स्तरीय चैंबर बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने न्यूजीलैंड, अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया और पश्चिम एशिया के देशों सहित दुनिया भर में 25 खंड खोले हैं।’’

 

 

 

#Indian Chamber of Commerce

Source : Agency

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