बिना वैक्सीन का स्टॉक देखे भारत सरकार ने सबके लिए शुरू किया वैक्सीनेशन अभियान: सीरम इंस्टिट्यूट
नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन की कमी के बीच पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने शुक्रवार (21 मई) को आरोप लगाया है कि वैक्सीन की उपलब्धता और विश्व स्वास्थ्य संगठन के गाइडलाइंस को ध्यान में रखे बिना ही सभी आयु वर्गों के लिए भारत में वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है। भारत में 01 मई के 18 से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीनेट करने का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन देशभर के अधिकत्तर राज्यों में वैक्सीन की कमी देखी जा रही है।
18 से 44 के आयु वर्ग को तो छोड़िए 45+ लोगों को भी वैक्सीन की दूसरी डोज भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि भारत की सरकार ने देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने से पहले वैक्सीन का स्टॉक भी नहीं देखा और डब्लूएचओ की गाइडलाइंस भी फॉलो नहीं की गई है। स्वास्थ्य जागरूकता मंच, हील हेल्थ द्वारा आयोजित एक ई-शिखर सम्मेलन में सीरम इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने कहा कि देश को डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और उसके अनुसार टीकाकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए। सरकार को पता था कि वैक्सीन का स्टॉक नहीं है: सीरम इंस्टीट्यूट सुरेश जाधव ने कहा, ''शरुआती लक्षय के मुताबिक 30 करोड़ लोगों को वैक्सीनेट किया जाना था।
जिसके लिए 600 मिलियन (60 करोड़) डोज की आवश्यकता थी, लेकिन इससे पहले कि हम इस लक्ष्य तक पहुंचते, सरकार ने 45 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू कर दिया। इसके बाद 18 और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया। वो भी ये अच्छी तरह से जानते हुए कि इतना वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।'' सुरेश जाधव ने कहा, "यह सबसे बड़ा सबक है जो हमने सीखा। हमें उत्पाद की उपलब्धता को ध्यान में रखना चाहिए और फिर इसका विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए।
सीरम इंस्टीट्यूट ने दिया जवाब सुरेश जाधव ने कहा, टीकाकरण जरूरी है, लेकिन वैक्सीन लेने के बाद भी लोग संक्रमण के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए, सतर्क रहें और कोविड-19 निवारक दिशानिर्देशों का पालन करें। हालांकि भारतीय वैरिएंट के डबल म्यूटेंट को बेअसर कर दिया गया है, फिर भी वैरिएंट टीकाकरण में समस्या पैदा कर सकते हैं।" सुरेश जाधव ने कहा, "जहां तक वैक्सीन के चयन का सवाल है, सीडीसी और एनआईएच डेटा के अनुसार, जो भी वैक्सीन उपलब्ध है, उसे लिया जा सकता है, बशर्ते उसे नियामक निकाय द्वारा लाइसेंस दिया गया हो। और यह कहना जल्दबाजी होगी कि कौन सा टीका प्रभावकारी है और कौन सा नहीं।''

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