सरकार ला रही Online Gaming से कमाई करने वालों पर नया नियम
नई दिल्ली
मोदी सरकार की तरफ से ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम बनाए जाने का प्रस्ताव जारी किया गया है। जिससे ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई पर नकेल कसी जा सकेगी। सरकार ने सेल्फ रेगुलेटरी सिस्टम बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है। नए नियम के लागू होने के बाद ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को आईटी रूल्स मानने होंगे। जिसे साल 2021 में जारी किया गया था। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.
मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेंशन टेक्नोलॉजी (MEITY) की रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को भारतीय कानूनों को मानना पड़ेगा। ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री पर भी जुआ और स्ट्टेबाजी के नियम लागू होंगे। नए नियमों के तहत ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई की रकम का खुलासा करना होगा। साथ ही ऑनलाइन गेमिंग के लिए जमा धनराशि और निकसी और रिफंड और टैक्स के बारे में फुल ब्यौरा देना होगा।
बिना इजाजत ऑनलाइन गेमिंग होगी सट्टेबाजी
ऑनलाइन गेमिंग के लिए आईटी मंत्रालय से सर्टिफिकेट लेना होगा। कोई भी ऑनलाइन गेमिंग करके कमाई नहीं कर पाएगा। अगर बिना इजाजत ऑनलाइन गेमिंग से कमाई का ऑफर दिया जाता है, तो उसे सट्टेबाजी माना जाएगा।
मामलों का होगा समय पर निपटारा
ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए आईटी मंत्रालय की सेल्फ रेगुलेटी बॉडी में शिकायत करना होगा, जहां से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई और निवारण होगा। मंत्रालय ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए 17 जनवरी 2023 तक सुझाव मांगे हैं।
टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम
ऑनलाइन गेमिंग टैक्स चोरी का नया जरिया बनकर उभर रहा है। ऐसे में आईटी मंत्रालय ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली कमाई का ब्यौरा चाहता है, जिससे टैक्स चोरी को पकड़ा जा सके। अभी नियमों के अभाव में पता लगाना मुश्किल था कि आखिर ऑनलाइन गेमिंग से कितनी कमाई हो रही है।

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