Thursday, April 16th, 2026

खुशखबरी: 42 हजार टन LPG लेकर जग वसंत वेसल होर्मुज से गुजरात पहुंचा

 अहमदाबाद
एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. 'जग वसंत' नाम का वेसल (टैंकर) कांडला पोर्ट पहुंच चुका है. यह होर्मुज के रास्ते गुजरात पहुंचा है. इस जहाज में 42 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा LPG गैस लाई गई है। 

यह खेप ठीक उसी समय आई है जब दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई को लेकर काफी अनिश्चितता चल रही है. कांडला पोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि आज ही इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के जरिए उतारा जाएगा। 

मिड-सी ट्रांसफर का मतलब है कि समुद्र में ही जहाज से गैस को दूसरे सिस्टम या पोर्ट की सुविधाओं तक पहुंचा दिया जाता है. इससे गैस तेजी से उतर जाती है, समय बचता है और सप्लाई भी जल्दी शुरू हो जाती है। 

इस बड़ी खेप से देश में LPG गैस की उपलब्धता और मजबूत होने की उम्मीद है. खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा सप्लाई को लेकर थोड़ी अस्थिरता बनी हुई है। कांडला पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऊर्जा आयात बंदरगाहों में से एक है. यहां से LPG गैस देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जाती है. इस खेप के आने से आने वाले दिनों में घरेलू LPG सप्लाई को स्थिर और सुचारू रखने में मदद मिलेगी। 

बता दें कि ईरान की ओर से कुछ ही मुल्कों को होर्मुज के रास्ते से जहाज लेकर जाने की अनुमति मिली है. भारत उन देशों में शामिल है जिसे ईरान ने रास्ते का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। 

अब तक कितने टैंकर भारत पहुंचे?
ईरान-अमेरिका तनाव से होर्मुज रास्ता बाधित होने के बावजूद भारत के चार महत्वपूर्ण तेल टैंकर सुरक्षित पहुंच चुके हैं. ईरान द्वारा विशेष अनुमति मिलने से ये जहाज पार हो सके। 

MT शिवालिक (LPG) 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जबकि MT नंदा देवी (LPG) 17 मार्च को कांडला में उतरा. जग लाडकी (81,000 टन कच्चा तेल) 18 मार्च मुंद्रा आया. लाइबेरिया फ्लैग Shenlong सऊदी क्रूड लेकर 11 मार्च के आसपास मुंबई पहुंचा।

युद्ध में क्या हैं ताजा अपडेट?
युद्ध का 28 दिन बीत चुका है. शुक्रवार को अमेरिका-इजरायल का ईरान के साथ युद्ध का 29वां दिन है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह फिलहाल अगले दस दिनों तक ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करेंगे। 

 

#LPG

Source : Agency

आपकी राय

11 + 5 =

पाठको की राय