Friday, October 23rd, 2026

मेट्रो रेल लाइन की तर्ज पर पुलों के गर्डर-बीम, इंप्रूव होगी क्वॉलिटी

भोपाल
प्रदेश में अब लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वले ब्रिज में मेट्रो रेल लाइन और नेशनल लेवल पर पुल बनाने में उपयोग की जाने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक, पालीमर मोडिफाइड बिटुमिन और वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा इसी माह जारी किए गए नए एसओआर (शिड्यूडल आफ रेट) में स्ट्रक्चर निर्माण के लिए क्वालिटी इम्प्रूवमेंट संबंधी प्रावधान किए गए हैं।

विभाग द्वार जारी एसओआर में खासतौर पर पुल पुलिया के निर्माण को लेकर ज्यादा फोकस किया गया है। अब तक जो व्यवस्थ चल रही थी उसमें बहुतायत में पुल पर लगने वाले गर्डर और बीम का निर्माण वहीं किया जाता रहा है जहां पर पुल या पुलिया का निर्माण होना है। इसके लिए विभाग की देखरेख में ठेकेदार वहीं पर मटेरियल लाकर निर्माण कार्य करते थे। हालांकि पिछले कुछ सालों में कुछ पुलों में नई तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।

अब विभाग ने तय किया है कि जो भी पुल बनेंगे, उसके गर्डर और बीम का निर्माण किसी एक स्थान पर ही किया जाएगा जैसा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल के लिए बनाए जाने वाले पाथ के मामले में किया जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि मौके पर ट्रांसपोर्ट सर्विस प्रभावित होने में कम समय लगेगा और काम की क्वालिटी पर भी नजर रखी जा सकेगी।  एसओआर में प्रावधान किया गया है कि ठेकेदार जो भी मटेरियल यूज करेगा उसकी टेस्टिंग बाकायदा संबंधित लैब से कराएगा और इसकी रिपोर्ट भी पेश करेगा।

महंगे होंगे ब्रिज, सड़क निर्माण के काम
ब्रिज और सड़क निर्माण के लिए जो एसओआर जारी किया गया है उसमें मटेरियल के रेट पांच साल पुराने थे जिन्हें अब आज के मार्केट रेट के हिसाब से घोषित किया गया है। ऐसे में प्रोजेक्ट की कास्ट बढ़ना भी तय हो गया है। ये प्रोजेक्ट प्री कास्ट, सेगमेंट कंसट्रक्शन और अन्य फार्मूलों के आधार पर पूरे किए जाएंगे।

वीडियो शूटिंग कराकर देंगे
जो भी निर्माण कार्य कराए जाएंगे, उसकी वीडियो शूटिंग कराई जाएगी और सड़क, ब्रिज, बिल्डिंग निर्माण की वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। उसमें यूज किए गए व्हीकल इक्विपमेंट्स की जानकारी भी इसमें शामिल रहेगी। इसके साथ ही ड्रोन सर्वे का प्रावधान भी इस नए एसओआर में किया गया है। रोड के लिए 10 प्रतिशत और ब्रिज के लिए 25 प्रतिशत ओवरहेड चार्जेज तय किए गए हैं।

हाई ग्रेड मटेरियल का उपयोग
सड़कों के निर्माण के दौरान नई तकनीक में उपयोग की जा रही प्लास्टिक बिटुमिन, पालीमर मोडिफाइड बिटुमिन, और वेस्ट प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा हाई ग्रेड कांक्रीट के जरिये भी सड़कें बनाई जा सकेंगी। अफसरों के अनुसार चार साल बाद रिवाइज किए गए एसओआर में रेट्स में ज्यादा फर्क नहीं आएगा लेकिन ब्रिज और सड़क निर्माण की क्वालिटी और तकनीक में बदलाव मिलेगा।

 

Source : Agency

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