गांधी मेडिकल कॉलेज: 72 पदों की भर्ती प्रक्रिया विवादों में
भोपाल
गांधी मेडिकल कॉलेज में नॉन स्टॉफ के 72 पदों की भर्ती प्रक्रिया विवादों में पड़ती दिखाई दे रही है। अभी हाल ही कंडक्ट हुए एग्जाम की आंसरशीट पर अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। मामर्ला सुर्खियों में आने के बाद जीएमसी ने डीन इससे किनारा कर लिया है और इसका जिम्मेदार एग्जाम एजेंसी को बताया है। गौरतलब है कि जीएमसी में नॉन टीचिंग स्टॉफ के पदों के लिए 27 सितंबर को आॅनलाइन एग्जाम कंडक्ट हुए थे। इसके बाद 29 को आंसरशीट जारी की गई,लेकिन इसमें कंम्यूटर के 20 आॅब्जेटिव सवालों पर गलत आंसर जारी कर दिए गए। ऐसा अभ्यर्थियों के आरोप हैं।
अब अभ्यर्थी इसके लिए जीएमसी डीन एवं एमपी आॅनलाइन में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई ही नहीं हो रही है। इस मामले में जीएमसी डीन डॉ. जितेन शुक्ला कहना है कि इसमें हमारा कोई रोल नहीं है। जबकि एग्जाम एजेंसी क ो एग्जाम कराने का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ही दिया गया है।
दरअसल एमपी आॅनलाइन ने सवालों के गलत आंसर जारी कर वसूली का नया फॉर्मूला निजात किया है। इसके तहत अब उम्मीदवारों को इसके खिलाफ दावा करने के लिए प्रति सवाल 60 रूपए के साथ पोर्टल चार्ज का अलग से भुगतान करना होगा। साथ ही आंसर की प्रमाणित प्र्रतिलिपि भी अपलोड करनी है। ऐसे में अब अभ्यर्थियों को इनके दावे के लिए हजारों रूपए अलग से चुकाने पड़ रहे हैं।

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