अश्विन को प्लेइंग XI से बाहर रखने पर भड़के पूर्व चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर, कहा- ऑफ स्पिनर मामले की जांच की जाए
नई दिल्ली
भारत के पूर्व चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप 2021 के मैच में खराब फॉर्म से जूझती भारतीय टीम को उन्होंने इस तरह कभी नहीं देखा। उन्होंने स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को प्लेइंग इलेवन से बार बार बाहर रखने की जांच की भी मांग की। वेंगसरकर ने न्यूजीलैंड के हाथों भारत की आठ विकेट से हार के एक दिन बाद कहा, 'टीम बिल्कुल फॉर्म में नहीं थी और खिलाड़ी थके हुए लग रहे थे। पता नहीं बायो बबल की थकान थी या कुछ और। मैंने लंबे समय में खिलाड़ियों के ऐसे हाव भाव नहीं देखे।' उन्होंने कहा, 'यह बहुत खराब प्रदर्शन था। बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी। इस प्रारूप में पहली ही गेंद से अच्छा प्रदर्शन करना होता है।' पहले दो मैचों में भारत ने दो स्पिनरों के रूप में वरूण चक्रवर्ती और रविंद्र जडेजा को शामिल करके अश्विन को बाहर रखा। वेंगसरकर ने कहा, 'अश्विन को बार बार बाहर क्यों किया जा रहा है। यह जांच का विषय है। वह हर प्रारूप में सर्वश्रेष्ठ स्पिनर है और 600 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं। वह सबसे सीनियर स्पिनर है और उन्हें ही नहीं चुना जा रहा। मेरी समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भी एक भी मैच नहीं खेला। उन्हें टीम में चुना ही क्यों गया फिर। यह मेरे लिए रहस्य है।'
उनसे पहले इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर निक कॉम्पटन ने इस मामले में एक हैरानी भरा दिया। कॉम्पटन ने कहा कि कोहली और अश्विन के बीच के रिश्ते में खटास के कारण अनुभवी ऑफ स्पिनर को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल रहा है। कॉम्पटन ने भारत की हार के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, 'मुझे नहीं समझ आ रहा है कि कैसे कप्तान विराट कोहली के साथ अनफ्रेंडली रिलेशन के कारण अश्विन को टीम में जगह नहीं मिल रही। क्या आपको लगता है कप्तानों को इतनी पॉवर मिलनी चाहिए।'
#Former selector Dilip Vengsarkar

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