पूर्व सीएम नाथ ने ट्वीट करके जनता से वैक्सीन लगवाने की अपील की
भोपाल
शुरुआती दौर में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर सवाल उठा रही कांग्रेस (Congress) अब वैक्सीनेशन के समर्थन में है. पार्टी नेता खुद भी वैक्सीन भी लगवा रहे हैं और दूसरों से भी टीका लगवाने की अपील कर रहे हैं. आज पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव ने महा वैक्सीनेशन के समर्थन में जनता से अपील की तो सीएम शिवराज ने भी शुक्रिया कहने में देर नहीं की.
कोरोना वैक्सीनेशन के लिए शुरू किए गए महा अभियान को विपक्ष का भी समर्थन मिल गया. नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने सुबह सुबह ही ट्वीट करके लोगों से अपील कर दी वो वैक्सीन ज़रूर लगवाएं. उनका संदेश और अपील इतनी सकारात्मक थी कि CM शिवराज ने भी फौरन सकारात्म ही जवाब दिया.
पूर्व सीएम कमलनाथ की अपील
वैक्सीनेशन महा अभियान के समर्थन में कमलनाथ ने ट्वीट किया- मध्य प्रदेश को कोरोना वायरस से मुक्त करना हम सबकी जिम्मेदारी है. कोरोना को हराने के लिए वैक्सीन ही सबसे बड़ा हथियार है. उन्होंने जनता से अपील की -प्रदेशवासियों से मेरा अनुरोध है कि वो 21 जून से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन अभियान में टीका अवश्य लगवाएं. वो ये समझाना भी नहीं भूले कि अफवाहों में न आएं, स्वस्थ मध्य प्रदेश बनाएं.
शिवराज का जवाब
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को उनके इस कदम के लिए धन्यवाद भी दिया. वो बोले मैंने पहले भी कहा था ये राजनीतिक विषय नहीं है. जनता को बचाने का महाअभियान है. कमल नाथ जी को मैं इस अभियान का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं.
मैदान में दिखे कांग्रेस नेता
कांग्रेस के कई नेताओं ने महाअभियान का समर्थन किया. पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव ने भी ट्वीट किया. पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र में वैक्सीनेशन के लिए लोगों को जागरूक करने निकले. उनके साथ कांग्रेस के कई पार्षद भी इस अभियान में जुटे और लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर तक लाकर उनका वैक्सीनेशन करवाया.
वैक्सीनेशन महा अभियान
एमपी में वैक्सीनेशन महाअभियान में 7 हजार केंद्रों पर 10 लाख टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था. 7000 वैक्सीनेशन सेंटर्स पर 7000 प्रेरक प्रसिद्ध लोग, गणमान्य व्यक्ति थे. 19 लाख से अधिक डोज वैक्सीनेशन सेंटर पर उपलब्ध कराए गए थे. 35 हजार से अधिक अफसर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई. 5 सदस्यीय दल प्रत्येक वैक्सीनेशन सेंटर पर मौजूद रहा. निगरानी के लिए 1500 जोनल और सैक्टर अधिकारी तैनात किये गए थे.

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