Thursday, October 22nd, 2026

कांग्रेस से पूर्व सीएम कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश ने किया किनारा

वाराणसी
पूर्वांचल के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीति की धुरी रहे वाराणसी के औरंगाबाद हाउस का पार्टी से सौ साल से भी पुराना नाता गुरुवार को टूट गया। पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के परिवार की चौथी पीढ़ी के नेता ललितेश पति त्रिपाठी ने कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।  अपने पैतृक आवास औरंगाबाद हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अब किसी भी हाल में वह अपना निर्णय वापस नहीं ले सकते। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बारे में बोलने से ललितेश बचते रहे मगर साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश के संगठन में कई साल से कुछ ठीक नहीं चल रहा। पार्टी छोड़ने के कारणों पर उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से पार्टी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनके लिए कुछ न कर पाने की स्थिति में मुझे नेता कहलाने का अधिकार नहीं। इसीलिए पार्टी से त्यागपत्र दिया है। सपा या किसी अन्य पार्टी में जाने के सवाल पर ललितेश ने दो टूक शब्दों में कहा कि इसपर निर्णय समर्थकों और परिवार की राय के बाद लिया जाएगा। कहा कि मैंने शुरू से कांग्रेस के अलावा कोई और विचारधारा देखी ही नहीं, यह कोई कुर्ता नहीं जो कल बदलकर दूसरा पहन लिया जाए। निर्दल चुनाव लड़ने या अपना नया संगठन तैयार करने के विकल्प भी उन्होंने खुले रखें हैं। हालांकि इसपर कुछ साफ कहने के बजाय जनता और समर्थकों की इच्छा से जोड़ दिया। ललितेश पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भी प्रहार करने से बचे। उन्होंने राहुल और प्रियंका गांधी को उनपर भरोसा करने और पार्टी में बड़ी जिम्मेदारियों देने के लिए धन्यवाद दिया। मगर यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के संगठन में पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। मिर्जापुर में जमीन संबंधी मुकदमों पर उन्होंने कहा कि अगर इन आरोपों में सच्चाई होती तो पहली ही सुनवाई में कोर्ट से स्टे न मिलता।

परिवार का कांग्रेस से सौ साल पुराना साथ
आजादी से पहले ही ललितेश के परदादा कमलापति त्रिपाठी कांग्रेस से जुड़ गए थे। प्रदेश मंत्रिमंडल का हिस्सा रहने के साथ ही 1971 से 73 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। केंद्रीय राजनीति में जाने पर रेलमंत्री भी रहे। अगली पीढ़ी पं. लोकपति त्रिपाठी और पुत्रवधू चंद्रा त्रिपाठी भी राजनीति में आए। लोकपति कई बार विधायक और कई मंत्रिमंडलों का हिस्सा रहे तो चंद्रा त्रिपाठी चंदौली से सांसद रहीं। लोकपति के बेटे राजेशपति त्रिपाठी भी संगठन के विभिन्न पदों पर रहने के साथ ही विधायक भी रहे।
 

 

#Former

Source : Agency

पाठको की राय