छठ घाटों पर प्रवेश के लिए, दिखना होगा टीकाकरण का प्रमाणपत्र
इंदौर
अहिल्या की नगरी में बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश के चार दिनी लोकपर्व का उल्लास आठ नवंबर से छाएगा। पिछले साल जहां कोरोना के चलते व्रतियों ने घर में जलकुंड बनाकर अस्त और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया था, वहीं इस बार प्रशासन द्वारा सशर्त दी गई अनुमति बाद अब करीब 80 स्थानों पर छठ पर्व पर आयोजन होंगे। हालांकि भीड़ को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी आयोजन समितियों की होगी। इसके चलते आयोजन स्थल पर मास्क वितरण के साथ सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही घाटों पर प्रवेश के लिए कोरोना टीकाकरण के प्रमाणपत्र भी देखा जाएगा।
पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह का कहना है कि इस वर्ष कोरोना की स्थिति में सुधार को देखते हुए शहर के दो दर्जन से अधिक छठ पूजा आयोजन समितियों द्वारा पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के नेतृत्व में जिला प्रशासन से सार्वजनिक रूप से प्राकृतिक एवं कृत्रिम घाटों पर छठ मनाने की अनुमति मांगी थी। श्रद्धालुओं के धार्मिक आस्था का संज्ञान लेते हुए प्रशासन द्वारा इस सशर्त सार्वजनिक घाटों पर छठ महापर्व मनाने की अनुमति दी है।

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