Wednesday, October 21st, 2026

40 साल से विपक्ष का सबसे बड़ा मुद्दा होता था जानलेवा बुखार, CM योगी आदित्यनाथ लूट रहे वाहवाही

 गोरखपुर

पूर्वी यूपी में विधानसभा चुनाव का पारा चढ़ा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं। हालांकि चार दशक बाद पहली बार विपक्ष के तरकश से इंसेफेलाइटिस का तीर गायब है। अब उल्टे इस तीर से सत्ता पक्ष निशाना साध रहा है। इसकी वजह है बीते पांच साल में इंसेफेलाइटिस के रोकथाम के लिए हुए प्रयास।

मासूमों की जान लेने वाली इस बीमारी की रफ्तार प्रदेश सरकार के प्रयासों से थम गई है। 2017 से इस बीमारी से प्रभावित मरीजों और मौतों में काफी कमी आई है। इसके पूर्व जहां हजारों बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या सौ में सिमट गई है। मौतों की संख्या में भी बेहद कमी आई है।

इंसेफेलाइटिस का कहर पूर्वी यूपी में 1978 से बरपा रहा था। पूर्वांचल में हर साल हजारों बच्चे इस बीमारी की चपेट में आते थे। वर्ष 2016 तक हर साल 1200 से 1500 बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आने से दम तोड़ देते थे। प्रदेश में वर्ष 2016 तक की सरकारें इस पर नियंत्रण के लिए ठोस उपाय करने में सफल नहीं हो सकी। इस कारण यह बीमारी हर बार विपक्ष के लिए चुनावी मुद्दा बनती। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेरते। दम तोड़ते मासूम बच्चों के कारण सत्ता पक्ष इस मसले पर बैकफुट पर आ जाता।

 

#CM योगी आदित्यनाथ

Source : Agency

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