फिरोज नवाब ने 35वीं बार रक्तदान कर डेंगू पीड़ित की बचाई जान
बचेली
मौका दीजिये अपने खून को, किसी की रगों में बहने का, ये लाजवाब तरीका है, कई जिस्मों में जिंदा रहने का। इस पंक्ति को चरितार्थ करते हुए बचेली के जनप्रतिनिधि फिरोज नवाब ने बचेली से जगदलपुर लगभग 120 किलोमीटर जाकर रक्तदान किया और डेंगू पीड़ित व्यक्ति की जान बचाई।
विदित है की किरंदुल नगर भी डेंगू फैला हुआ है। अनेक लोग इसकी चपेट में आ गए हैं। नगर के महेंद्र ठाकुर को भी डेंगू हो गया तो उन्हें जगदलपुर के हॉस्पिटल रेफर किया गया। डेंगू के कारण पीड़ित के शरीर में प्लेटलेट्स बहुत तेजी से कम होते जाता है और मरीज की जान भी जा सकती है। डेंगू पीड़ित 42 वर्षीय महेंद्र ठाकुर के शरीर में प्लेटलेट्स 25000 हो गया था। एक स्वास्थ्य व्यक्ति के अंदर 2 से 4 लाख प्लेटलस की मात्रा होती है इतना कम प्लेटलस होना ही खतरे के निशान से ऊपर था और जगदलपुर शहर में भी बेहद विषम परिस्थिति है जगदलपुर में भी डेंगू जबरदस्त महामारी के रूप में फैला हुआ है और वहां रक्त के लिए रक्तदाता की बेहद कमी हो गई है। लगभग पांच ऐसे लोगों से टेस्ट करवाने के पर भी रक्तदाता नहीं मिल रहे थे। सभी के प्लेटलेट्स की कमी थी इसको देखते हुए किरंदुल निवासी प्रकाश मंडल और किरंदुल व्यापारी संघ से ओम प्रकाश सोनी द्वारा रक्त के लिए मेसेज को वायरल किया गया और जगदलपुर में जाकर रक्त देने के लिए बोला गया और जगदलपुर में ब्लड के लिए बात किया गया तो वहां भी रक्तदाताओ की सख्त कमी को बताया गया जिसे देखते हुए बचेली से जगदलपुर लगभग 120 किलोमीटर जाकर बचेली के जनप्रतिनिधि फिरोज नवाब ने रक्तदान किया। फिरोज नवाब ने बताया कि वे अब तक वें 35 बार रक्तदान कर चुके हैं।श्री नवाब ने आम जनता से अपील करता हुए कहा कि डेंगू के कहर से बचने के लिए सफाई के साथ साथ लोगो को स्वयं आगे बढ़ कर रक्तदान में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान करना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि रक्तदान करवाना भी महत्वपूर्ण है।

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