Wednesday, October 21st, 2026

वित्त विभाग: वेतन मद में 3 फीसदी वृद्धि कर पाएंगे विभाग, आगामी बजट की तैयारियां शुरू

भोपाल
वित्त विभाग ने आगामी बजट की तैयारियां शुरु कर दी है।  वित्त विभाग ने सभी विभागों से इसके लिए प्रस्ताव मांगे है। वर्ष 21-22 के पुनरीक्षत अनुमान और वित्तीय वर्ष 22-23 के बजट के लिए प्रस्ताव भेजते समय विभागों को निर्देशित किया गया है कि वर्ष 21-22 के पुनरीक्षित अनुमान से वेतन मद में केवल तीन प्रतिशत वृद्धि की जाए।

बजट अनुमान के प्रस्ताव कोष एवं लेखा के आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर के जरिए भेजने को कहा गया है। वेतन शीर्ष में जो प्रस्ताव मांगे गए है उसमें महंगाई भत्ता में बजट अनुमान के लिए प्रस्तावित राशि का 32 प्रतिशत रखा जा सकेगा।  नवीन नियुक्तियों एवं सेवानिवृत्ति की स्थिति के कारण यदि इस सीमा से अधिक या कम राशि प्रस्तावित करना पड़े तो उसका कारण भी विभागों को बताना होगा।

यदि किसी विभाग के अंतर्गत किसी स्थापना में अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी की वर्तमान में पदस्थपना ना हो परन्तु अगले वर्ष में पदस्थापना की संभावना हो तो उसके लिए भी प्रतीक प्रावधान करना होगा। विभागाध्यष्क्ष, बजट नियंत्रण अधिकारी एवंवित्तीय सलाहकार बजट प्रस्तावों विशेषकर अनिवार्य और स्थापना व्यय के सटीक आंकलन के लिए उत्तरदायी होंगे।

मजदूरी शीर्ष में अधिकतम पांच प्रतिशत वृद्धि की जा सकेगी। कार्यालय व्यय,व्यावसायिक सेवा,सुरक्षा,सफाई और परिवहन के लिए बजट अनुमान से पांच प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं की जाएगी। सेगमेंट कोड में अनुसूचित जनजाति उपयोगना के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत और अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए न्यूनतम 16 प्रतिशत प्रावधान किया जा सकेगा। विभागों के लिए अंतरिम बजट सीमा भी उपलब्ध कराई गई है। विभागों से उनके कर्ज और अदायगी का ब्यौरा भी मांगा गया है। वेतन, भत्ते,कर्ज, एन्यूटी भुगतान और पंद्रहवे वित्त आयोग के लिए बजट अनुमान को प्राथमिकता में रखा जाएगा। योजनाओं और समान उद्देंश्य की योजनाओं का ब्यौरा भी विभागों से मांगा गया है।

 

#Finance Department

Source : Agency

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