1 साल से फीस कमेटी में धूल खा रहीं अपीलीय प्राधिकारी की फाइलें
भोपाल
प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति के अपीलीय प्राधिकारी की कुर्सी एक साल से सूनी पड़ी हुई है। तीन साल का कार्यकाल खत्म करने के बाद अपीलीय प्राधिकारी आलोक वर्मा ने सात मार्च से कार्य छोड़ दिया था। सूनी पड़ी इस कुर्सी के कार्यकाल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज तक तकनीकी शिक्षा विभाग अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त हीं कर सका है। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री निवास पर नियुक्ति की फाइल लंबित पड़ी हुई है।
हाईकोर्ट के पूर्व जज को अधिकार
फीस कमेटी के अपीलीय प्राधिकारी सिर्फ हाईकोर्ट के पूर्व जज या पूर्व सीनियर आईएएस आफिसर हो सकते हैं। सात मार्च को आलोक वर्मा का कार्यकाल खत्म होने के बाद एक साल का समय बीत चुका है, लेकिन विभाग एक पूर्व हाईकोर्ट और पूर्व सीनियर आईएएस का चयन नहीं कर सका है। हालांकि फीस कमेटी के अपीलीय प्राधिकारी बनने के लिए काफी लोग प्रयासरत हैं। अपीलीय प्राधिकारी वर्मा का कार्यकाल खत्म होने के कारण कुछ कालेजों के विवाद का निराकण नहीं हो सका है। अब नवनियुक्त अपीलीय प्राधिकारी ही प्रकरणों की सुनवाई कर अंतिम निर्णय देंगे।
वर्तमान में कार्य जारी
फीस कमेटी ने आगामी तीन सत्रों की फीस निर्धारित करने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिये कमेटी ने आवेदन और प्रस्ताव जमा कराना शुरू कर दिया है, जिसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल रखी गई है। कमेटी को प्रवेश के कालेजों 1266 कोर्स की फीस निर्धारित करना है। फीस से संतुष्ट नहीं होने की दशा में कालेज अपील करते हैं, लेकिन शासन ने अपील सुनने के लिये किसी अपीलीय प्राधिकारी का सिलेक्शन ही नहीं किया है।

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