Wednesday, October 21st, 2026

सतना में बेटी के इलाज के लिए नहीं मिली मदद, तो पिता ट्रेन के सामने कूदा

सतना

 आर्थिक तंगी और बेटी के इलाज के लिए भी मदद नहीं मिलने से एक पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने इलाज में जमा पूंजी लगाई थी। मकान और दुकान बेचे। हालत इस कदर बिगड़ी कि अपना खून बेचकर आटा खरीदा। इसके बाद भी जब बेटी को अपने पैरों पर चलते नहीं देखा तो हौसला जवाब दे गया और उन्होंने अपनी ईह लीला समाप्त कर ली।

उक्त घटना ट्रांसपोर्ट नगर निवासी प्रमोद गुप्ता 55 वर्ष ने गत तड़के करीब 4.30 बजे ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर दी। इससे पहले बड़ी बेटी अनुष्का को फोन कर रोते हुए कहा, अब थक चुका हूं। तुम्हारा इलाज कराने में असमर्थ हूं। मेरे पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया। घबराई बेटी ने स्वजन को बताया। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई, लेकिन सुबह ट्रैक पर प्रमोद का शव मिला।


बेटी के बयान पर एक नज़र

अनुष्का ने बताया इलाज के खर्च के चलते परिवार कर्ज में दबता गया। पापा ने पिकअप वाहन लिया था, पर किस्त नहीं चुका पा रहे थे। बीते माह सिलेंडर खत्म हो गया। आटा नहीं था, तब पापा ने खून बेचकर इंतजाम किया था। पापा आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए छह माह तक अफसरों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। दूसरी तरफ जनसंपर्क विभाग ने प्रेस नोट जारी कर अनुष्का द्वारा लगाए गए आरोप का खंडन किया है बताया गया है कि कई बार उनकी मदद करने के लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए गए लेकिन वह मदद के दायरे में नहीं आ रहे थे इस कारण की मदद नहीं हो पाई है।

 

Source : Agency

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