प्रसिद्ध गायक स्व.रतन लूनिया की पत्नी सुशीला देवी भी लेंगी दीक्षा
राजनांदगांव
शहर में 27 जनवरी को आठ मुमुक्षु संयम जीवन को अंगीकार करेंगे आज जैन बगीचे में एक और मुमुक्षु के नाम की घोषणा हुई। दीक्षा ग्रहण करने वाली और कोई नहीं राजनांदगांव के प्रसिद्ध गायक स्वर्गीय रतन लूनिया की धर्मपत्नी सुशीला देवी लूनिया हैं। डाकलिया परिवार के साथ 27 जनवरी को श्रीमती सुशीला देवी भी दीक्षा लेंगी।
आज सुबह दादाबाड़ी में विशेष पूजा के बाद डाकलिया परिवार के मुमुक्षु भाई उपेंद्र डाकलिया उनकी धर्मपत्नी , दोनों पुत्रियां एवं दोनों पुत्रों को जैन बगीचे स्थित प्रवचन स्थल पर लाया गया। इस दौरान समाज की बालिकाओं ने एक सी नीली साड़ी पहनकर गीत व नृत्य के माध्यम से उनका स्वागत किया। उनके साथ कोंडागांव की मुमुक्षु संगीता गोलछा भी थी। आचार्य जिन पीयूष सागर जी के वंदन के पश्चात मुमुक्षुओ ने स्थान ग्रहण किया। इसके बाद प्रवचन एवं हल्दी का कार्यक्रम हुआ। साध्वी प्रज्ञा श्रीजी ने कहा कि हम आरोग्य जीवन चाहते हैं। आरोग्य जीवन दो प्रकार के होते हैं एक द्रव्य आरोग्य एवं दूसरा भाव आरोग्य। उन्होंने कहा कि हमें आरोग्य जीवन के माध्यम से प्रभु की आराधना करनी चाहिए ताकि हम समाधि तक सफर कर सके और सिद्धि प्राप्त कर सकें।
इसके पश्चात मुनि सम्यक रतन सागर जी ने सुशीला देवी लूनिया के भाव के बारे में लोगों को जानकारी दी। लूनिया परिवार के रिश्तेदारों सहित सुशीला देवी के पुत्र हर्ष लूनिया ने आचार्य जी से विनती की । आचार्य ने मुहूर्त की घोषणा करते हुए 27 जनवरी का दिन निर्धारित किया। 27 जनवरी दीक्षा हेतु दिन घोषित होते ही हर्ष का माहौल निर्मित हो गया और उपस्थित जनों ने हर्ष-हर्ष - जय-जय के नारे लगाए। इस घोषणा के होते ही अब राजनांदगांव शहर में 27 जनवरी को डाकलिया परिवार के छह सदस्यों के साथ ही संगीता जी गोलछा तथा सुशीला देवी लूनिया को मिलाकर आठ लोग दीक्षा ग्रहण करेंगे। सकल जैन संघ की ओर से अध्यक्ष एवं पाश्र्वनाथ मंदिर समिति ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी नरेश डाकलिया ने इस दीक्षा की अनुमति देते हुए कहा कि संभव है कि 27 जनवरी को एक दीक्षा और बढ़ जाए और नौ लोग संयम की राह में एक साथ आगे बढ़े। डाकलिया के इस कथन के बाद उपस्थित जनों में हर्ष का माहौल निर्मित हो गया। इसके बाद हल्दी का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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