प्रसिद्ध डॉक्टर NP मिश्रा का निधन, भोपाल गैस त्रासदी पीड़ितों के इलाज में कमाया था नाम
भोपाल
गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के पूर्व डीन और मेडिसिन के जाने-माने विशेषज्ञ डॉक्टर एनपी मिश्रा का रविवार सुबह सिविल लाइन स्थित उनके निवास पर निधन हो गया. वह 90 वर्ष के थे. पिछले दिनाें जीभ में कैंसर की वजह से उनकी सर्जरी की गई थी, तबसे वह अस्वस्थ चल रहे थे.
रविवार सुबह 5.30 बजे उठकर नियमित दवा लेकर कुर्सी पर बैठे. 7 बजे परिवार के सदस्यों ने देखा तो उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी. उनके तीन बेटे हैं. एक बेटा यूएस में है. उनके निधन से पूरे चिकित्सा क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है. निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी.
भोपाल में वर्ष 1984 में हुई भीषण गैस त्रासदी के दौरान मरीजों के इलाज में उनकी बड़ी भूमिका थी. चिकित्सकों को भी यह जानकारी नहीं थी कि घातक मिथाइल आइसासाइनाइड गैस के दुष्प्रभाव इलाज कैसे करना है. तब उन्होंने अमेरिका और दूसरे देश के डॉक्टरों से बात कर गैस के बारे में इलाज पूछा था.
लगातार 2 से 3 दिन तक बिना सोए उन्होंने मरीजों का इलाज किया. उस समय वह जीएमसी में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर थे. डॉ. मिश्रा की खासियत यह थी कि वह 90 साल की उम्र में भी शोध और चिकित्सा क्षेत्र में आ रही अद्यतन जानकारियों से रूबरू रहते थे.

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