Sunday, October 25th, 2026

लोकसभा के लिए चुने गए चार में से तीन विधायकों की विधानसभा सीटों पर परिवारवाद का ही जोर चलेगा

पटना
लोकसभा के लिए चुने गए चार में से तीन विधायकों की विधानसभा सीटों पर परिवारवाद का ही जोर चलेगा। सिर्फ एक तरारी पर सांसद के परिवार का दावा नहीं है। माले में अपवाद के रूप में ही किसी विधायक के स्वजन को उम्मीदवार बनाया गया है। बाकी तीन पर सांसदों के स्वजन अगली कतार में हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी गया से सांसद चुने गए हैं। 2020 में वे इमामगंज से विधायक चुने गए थे। अबतक सिर्फ यह तय हो पाया है कि इमामगंज से मांझी परिवार का ही काेई सदस्य मोर्चा का उम्मीदवार होगा। मुश्किल, उम्मीदवार चयन को लेकर इसलिए हो रही है, क्योंकि परिवार के ही तीन सदस्यों की दावेदारी सामने आई है।

मजबूत दावेदारी दीपा मांझी की हैं। वह जीतनराम मांझी के पुत्र एवं राज्य सरकार के मंत्री संतोष मांझी की धर्मपत्नी हैं। इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहती हैं। संतोष के छोटे भाई प्रवीण मांझी का भी दावा है। एक अन्य दावेदार हैं देवेंद्र मांझी। ये जीतनराम मांझी के दामाद हैं। परिवार के तीनों सदस्य मोर्चा की गतिविधियों में सक्रिय हैं। मांझी की समधिन ज्योती देवी भी मोर्चा की विधायक हैं।

सुधाकर सिंह की सीट पर भी दावेदारी मजबूत
तरारी के भाकपा माले विधायक सुदामा प्रसाद आरा से सांसद चुने गए हैं। इस सीट पर माले के किसी कार्यकर्ता को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा। रामगढ़ के राजद विधायक सुधाकर सिंह बक्सर से सांसद चुन लिए गए हैं। उनके अनुज अजित कुमार सिंह की दावेदारी सबसे ऊपर है।

 

 

#Jitan Ram Manjhi

Source : Agency

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