Friday, October 23rd, 2026

नागरिकों को एक ही परिसर में समस्त चिकित्सा पद्धति की सुविधा

भोपाल

प्रदेश के नागरिकों को एक ही परिसर में विकल्प के आधार पर समस्त चिकित्सा पद्धति, जिनमें एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से आयुष मिशन के माध्यम से आयुष विंग की स्थापना की जा रही है। राष्ट्रीय आयुष मिशन का संचालन केन्द्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।

स्थापित की जाने वाली आयुष विंग में आयुष चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ नागरिकों को पंचकर्म चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जा रही है। आयुष विभाग ने प्रत्येक आयुष विंग के लिये 40 लाख रुपये की राशि खर्च की है। इसमें 35 लाख भवन निर्माण पर और 5 लाख रुपये यंत्र उपकरण पर व्यय किये जा रहे हैं। प्रत्येक आयुष विंग में 3 चिकित्सा विशेषज्ञ, 3 चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ सहित 12 व्यक्ति अपनी सेवाएँ देंगे।

प्रदेश के जिन जिलों में आयुष विंग की स्थापना प्रगति पर है, उनमें ग्वालियर, अशोकनगर, भिण्ड, कटनी, उमरिया, अलीराजपुर, आगर-मालवा, रीवा, अनूपपुर, बैतूल, भोपाल, खरगोन, धार, सतना, शहडोल, सिंगरौली, सागर, टीकमगढ़, बुरहानपुर, खण्डवा, मुरैना और उज्जैन में आयुष विंग की स्थापना की जा रही है।

पंचकर्म

चिकित्सा के सिद्धांतों को परिपूर्ण करते हुए पंचकर्म चिकित्सा द्वारा रोगों को नष्ट किया जाता है। इस पद्धति में उन रोगों की पुन: उत्पत्ति की संभावना करीब-करीब शून्य हो जाती है।

भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेद संस्थान में पंचकर्म चिकित्सा व्यापक स्तर पर की जा रही है। इस केन्द्र में प्रतिदिन करीब 150 रोगी चिकित्सा लाभ ले रहे हैं। केन्द्र में करीब 100 प्रकार की पंचकर्म क्रियाएँ रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। रोगियों को पंचकर्म की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रोगियों के लिये विशेष रूप से बसंत ऋतु में वासन्तिक और शरद ऋतु में शारदीय विरेचन का आयोजन किया जाता है।

 

 

#पंचकर्म

Source : Agency

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