मना करने के बाद भी नर्स ने लगाया टिटनेस इजेक्शन, 16 वर्षीय कामिनी की मौत
राजनांदगांव
उप स्वास्थ्य केंद्र जंगलपुर में पदस्थ स्टॉप नर्स ने बालिका के मना करने के बाद भी छात्रा को टिटनेस का इंजेक्शन लगा दिया इसके बाद छात्रा की हालत बिगड?े लगी और इलाज के दौरान मौत हो गई ।
मामले की शिकायत के बाद सीएमएचओ ने नर्स को सस्पेंड कर दिया है मामला 27 अगस्त का बताया जाता है द्य जानकारी के मुताबिक कक्षा 10वीं में पढ?े वाली ग्राम खोंगा की निवासी 16 वर्षीय कामिनी सिन्हा को स्टाफ नर्स शीतल चौहान ने टिटनेस का इंजेक्शन लगा दिया तब छात्रा ने उसे खाली पेट होने और तबीयत भी ठीक नहीं होने की जानकारी दी थी लेकिन इसके बाद भी नर्स ने उसकी एक न सुनी और उसे जबरदस्ती इंजेक्शन लगा दिया परिजनों के मुताबिक छात्रा के हाथों में खुजली होने लगी और स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आती गई और स्वास्थ बिगड़ता चला गया और परिजन स्वास्थ्य में लगातार गिरावट को देखते हुए कवर्धा और रायपुर के हॉस्पिटल में रेफर कर इलाज कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया द्य दसवीं पढ?े वाली 16 वर्षीय बालिका जिसके सामने सारा भविष्य और वर्तमान खुशहाल जीवन जीने के लिए सामने था और भविष्य को लेकर अनेक सपने बावजूद इसके एक लापरवाह नर्स के चक्कर में बालिका ने अपनी जान से हाथ धो बैठे। इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और इस कृत्य को करने वाले नर्स शीतल चौहान पिता पुनाराम चौहान के खिलाफ गैर आदतन हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए पर इस मामले में मामला दर्ज अब तक नहीं हुआ है ना ही मामला थाने पहुंचा है पर विधायक देवव्रत सिंह के प्रयासों से मुख्य चिकित्सा एवम् स्वस्थ अधिकारी द्वारा शीतल चौहान को निलंबित कर दिया है जबकि गैर आदतन हत्या का मामला 304 पार्ट 2 लगाया जाना चाहिए न्याय से जुड़े और पुलिस के जुड़े एक्सपर्ट लोगों की राय यह बताती है की ऐसे मामलो में पुलिस को गंभीरता से छानबीन कर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए कही ऐसा ना हो कि परिजनों पर किसी भी तरह का दबाव हो और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रह जाए क्षेत्र के जागरूक जनप्रतिनिधि देवव्रत सिंह भी इस मामले पर एफ आई आर परिजनों को लेकर करा सकते हैं क्योंकि पहली शिकायत पीड़ित परिवार ने उन्हीं को दी थी।

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