इंजीनियरिंग और यूजी के स्टूडेंट्स परेशान, सीबीएसई ने नहीं भेजे माइग्रेशन
भोपाल
सीबीएसई के 12वीं पास करीब एक लाख विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के कॉलेजों में हुए प्रवेश पर संकट आ सकता है। क्योंकि उक्त विद्यार्थियों ने माइग्रेशन कॉलेजों में जमा नहीं किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने उनके प्रवेश निरस्त करने की आदेश जारी कर दिया है। वहीं, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रक्रिया चलन में हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने दस दिसंबर तक टीसी माइगे्रशन जमा करने का आदेश जारी कर दिया है। एमपी बोर्ड के विद्यार्थियों के माइग्रेशन कॉलेजों में जमा कर दिया है, लेकिन सीबीएसई के विद्यार्थी माइग्रेशन कॉलेजों तक नहीं भेज सके हैं। वहीं, तकनीकी शिक्षा विभाग के इंजीनियरिंग, बीफार्मा, डीफार्मा कॉलेज और पॉलीटेक्निक में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी भी माइग्रेशन नहीं दे पाए हैं। इसकी वजह सीबीएसई ने माइग्रेशन ही तैयार नहीं कराए हैं। सीबीएसई अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते माइग्रेशन के प्रकाशन में विलंब हुआ है। प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में माइग्रेशन भेज दिए गए हैं। 50 फीसदी स्कूलों के माइग्रेशन डिस्पेच करा दिए गए हैं।
कॉलेजों में प्रवेश के समय टीसी और माईग्रेशन लिया जाता है, ताकि विद्यार्थी एक ही समय में दो कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले सकें। इसलिए टीसी और माइग्रेशन की मूली प्रति ही कॉलेज या विवि में जमा होती है। माइगे्रशन और टीसी की दूसरी प्रति लेने के लिए विद्यार्थी एफआईआर दर्ज कराना होती है।
उच्च शिक्षा विभाग के 1301 निजी और सरकारी कालेजों में करीब पांच लाख विद्यार्थियों ने यूजी में प्रवेश लिए हैं। इसमें सीबीएसई के करीब 72 हजार विद्यर्थी शामिल हैं। वहीं तकनीकी शिक्षा विभाग में 12वीं और 10वीं के करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने कॉलेज और पॉलीटेक्निक में प्रवेश लिए हैं।

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