मंडला में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, दो महिला नक्सली ढेर, जंगल की सर्चिंग कर रहे जवान
मंडला
मंडला जिले के बिछिया रेंज में सीआरपीएफ और पुलिस की हॉक फोर्स के संयुक्त ऑपरेशन में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया गया है। मुठभेड़ के बाद सीआरपीएफ और पुलिस हॉक फोर्स ने सर्चिंग में सीआरएल समेत ऑटोमेटिक हथियार और वायरलेस सेट बरामद किए गए हैं। घने जंगल में सीआरपीएफ और हॉक फोर्स के जवानों द्वारा सघन सर्चिंग की जा रही है।
मुठभेड़ बुधवार सुबह करीब 10 बजे बिछिया थाना क्षेत्र के मुंडिदादर और गन्हेरिदादर के जंगल में हुई। सर्चिंग के दौरान मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर, एक भरमार बंदूक, वायरलेस सेट और दैनिक जरूरत का सामान मिला है। सीनियर अफसर मौके पर पहुंच रहे हैं।
सीआरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार भिलवानी कैंप के पास स्थित एआरो क्षेत्र में नक्सलियों से मुठभेड़ हो रही है। जिसमें अभी तक दो महिला नक्सलियों की मौत हो चुकी है। जंगल में सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है, यहां अन्य नक्सलियों के छिपे होने की भी आशंका जताई जा रही है।
इस मुठभेड़ की पुष्टि बालाघाट पुलिस अधीक्षक एसपी रजत सकलेचा ने भी कर दी है। उनका कहना है कि बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हुई है। इसी दौरान दोनों महिला नक्सली को मार गिराया है। उनके कब्जे से एक एसएलआर राइफल और एक राइफल, वायरलेस सेट और अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल, पुलिस और हॉकफोर्स की सर्चिंग जारी है। बताया जा रहा है दोनों मृतक नक्सलियों पर 14-14 लाख रुपए इनाम था।
नक्सली गतिविधियां निष्क्रीय करना अभियान का उद्देश्य
बता दें कि अभियान में खासतौर पर नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए गठित हॉक फोर्स शामिल है। यह फोर्स मध्य प्रदेश के उन इलाकों में सक्रिय है, जहां नक्सली गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं। पुलिस का दावा है कि, अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में नक्सलियों के प्रभाव को कमजोर करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
सूचना पर शुरु हुआ था सर्च ऑपरेशन
छत्तीसगढ़ से सटे मध्य प्रदेश के बालाघाट और मंडला जिले नक्सल प्रभावित इलाके कहे जाते हैं। इन इलाकों में समय-समय पर नक्सली गतिविधियां देखने को भी मिलती हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि, खुफिया सूत्रों से उन्हें सूचना मिली थी कि, नक्सली इस इलाके में सक्रिय हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और मुठभेड़ हो गई।
पुलिस की सफाई
फिलहाल, मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल ये सुनिश्चित करने में लगे हैं कि, कोई अन्य नक्सली इस इलाके से बचकर न भाग सके। पुलिस का दावा है कि, ऑपरेशन के बाद इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगेगी। इस ताजा मुठभेड़ के बाद सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि, उनका लक्ष्य केवल नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जंगल में मुठभेड़ हुई
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों के जवानों की टीम बिछिया थाना अंतर्गत मुंडिदादर गन्हेरिदादर के जंगल में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. तभी जंगल में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ शुरू हो गई. इस मुठभेड़ में 2 महिला नक्सली मारी गईं. वहीं मौके से एक एसएलआर और भरमार बंदूक बरामद की.
इससे पहले 25 लाख की महिला नक्सली का हुआ खात्मा
इससे पहले, महिला नक्सली रेणुका को 31 मार्च को सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया. इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने 9 अन्य नक्सलियों को भी ढेर किया था. जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ में मारी गई नक्सली रेणुका को बानु और सरस्वती के नाम से भी जाना जाता था. यह वारंगल के कडवेन्डी की रहने वाली थी. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके सिर पर 25 लाख का इनाम रखा गया था. सुरक्षा बलों के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में अब तक 119 नक्सलियों को मार गिराया जा चुका है.
बालाघाट में मार गिराई थीं चार महिला नक्सली इससे पहले 19 फरवरी को बालाघाट के गढ़ी थाना इलाके में हुई मुठभेड़ में चार महिला नक्सली मारी गई थी। ये सभी कान्हा भोरमदेव एबी डिवीजन खटिया मोर्चा दलम की सदस्य थी। इनमें से एक आशा पर 14 लाख का इनाम था।
सुकमा- दंतेवाड़ा सीमा में भी हुई थी मुठभेड़
इससे पहले, छत्तीसगढ़ के सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 16 नक्सली मारे गए थे. वहीं, 4 सुरक्षा बल घायल हो गए थे.

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