Tuesday, October 20th, 2026

बिजली बिल मारेगा झटका, टैरिफ में 8.7 फीसदी वृद्धि पर आपत्तियां शुरू

जबलपुर
बिजली कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग के समक्ष एक बार याचिका खारिज होने के बाद पुन: वित्तीय वर्ष 2022-23 में 8.7 प्रतिशत बिजली की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। जिसका पूरे प्रदेश में पुरजोर विरोध शुरू हो गया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बात करें तो यहां प्रस्ताव के विरोध में आपत्तियों का दौर शुरू हो गया है। अधिकांश आपत्तियों में इस बात जिक्र किया गया है कि कोविड की तीनों लहर में प्रदेश में निवासरत हर वर्ग का व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान है, ऐसे में यदि बिजली दरें बढ़ा दी जाती हैं तो उपभोक्ता की आर्थिक स्थिति लड़खड़ा जाएगी। वहीं वितरण कंपनियों में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों कहना है कि कोविड के मद्देनजर ही पिछले दो सालों में महज 1 प्रतिशत के आसपास दरों में इजाफा किया गया, जिससे कंपनी घाटे में है और इस घाटे को कम करने के लिए दरों में वृद्धि अति आवश्यक है।

ईमानदार पर बोझ न डालकर रोकें चोरी
आपत्तिकर्ताओं का कहना है कि बिजली की दरों में वृद्धि के बाद ईमानदार उपभोक्ता पर ही बोझ पड़ता है, जो लोग चोरी कर रहे हैं, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए वितरण कंपनियों को दरें बढ़ाने से ज्यादा फोकस चोरी को रोकने के लिए करना चाहिए। लाइन लॉस कम कर घाटे को कवर किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो बिजली कंपनी ने की मंशा है कि निमायक आयोग 6.5 से 7.5 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान करे, इसलिए 8.7 प्रतिशत का प्रस्ताव रखा गया है।

 

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Source : Agency

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