अवसाद, पार्किंसंस रोग, और एकाग्रता में कमी दूर करने के लिए खाये ये फ़ूड
आपके साथ भी कभी न कभी ऐसा जरूर हुआ होगा जब आप बिना किसी बात के उदास हो, या फिर रोने का मन करें लेकिन कोई गंभीर वजह न हो। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों होता है? ऐसा डोपामाइन नाम के एक हार्मोन के वजह से होता है। डोपामाइन एक हार्मोन है जो शरीर के अधिवृक्क ग्रंथि में निर्मित होता है। यह एक न्यूरोट्रांसमीटर है जो शरीर और मस्तिष्क में विभिन्न क्रियाओं के कामकाज में एक अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन के कुछ मुख्य कार्य मूवमेंट, मेमोरी, मूड, अटेंशन आदि में योगदान करना है। शरीर में डोपामाइन का पर्याप्त स्तर होना शरीर के लिए आवश्यक होता है।
कभी-कभी आप बहुत खूश क्यों रहते हैं? यह डोपामाइन कि बड़ी मात्रा में रिलीज होने के कारण होता है। वहीं, जब आप बिना किसी बात के उदास होते हैं या आपका मूड खराब होता है, तब यह डोपामाइन के निम्न स्तर पर रिलीज होने के कारण होता है। हालांकि डोपामाइन का स्तर आमतौर पर तंत्रिका तंत्र के भीतर अच्छी तरह से नियंत्रित होता है, लेकिन कुछ चीजें जिसके मदद से आप इसके स्तर को बढ़ा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहें इसका ज्यादा मात्रा में रिलीज होना आपके लिए कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत हो सकती है।
नट्स और सीड्स करते हैं मूड ठीक
आपके गो-टू हाई प्रोटीन स्नैक में एक प्रमुख अमीनो एसिड भी होता है जो डोपामाइन के साथ काम करता है। एनसीबीआई में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, नट्स और बीजों में एल-टायरोसिन होता है, जिसे टायरोसिन कहा जाता है, और जब टायरोसिन टूट जाता है, तो यह डोपामाइन में परिवर्तित हो जाता है। मूंगफली, बादाम, कद्दू के बीज और तिल विशेष रूप से टाइरोसिन के बेहतर स्रोत हैं, इसलिए जब आप खुशी बढ़ाने वाले स्नैक की तलाश में हों तो नट बटर और ट्रेल मिक्स लें।
डेयरी प्रोडक्ट्स करते हैं डोपामाइन को बूस्ट
इनमें पनीर, दूध और दही जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ शामिल हैं। पनीर में टायरामाइन होता है, जो मानव शरीर में डोपामाइन में परिवर्तित हो जाता है। दही जैसे प्रोबायोटिक्स युक्त खाद्य पदार्थ भी डोपामाइन के स्तर को बढ़ाते हैं। ऐसे में यदि आप तनाव में हैं तो डेयरी प्रोडक्ट्स आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
कॉफी रखता है मूड को फ्रेश एंड हैप्पी
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफोर्मेशन के अनुसार, कॉफी में मौजूद कैफीन मस्तिष्क में डोपामाइन को सिंगल देने का काम करता है। मस्तिष्क में कैफीन का मुख्य लक्ष्य एडेनोसाइन (एक मस्तिष्क रसायन जो मस्तिष्क की गतिविधि को कम करता है) रिसेप्टर्स हैं। यह इन रिसेप्टर्स पर काम करता है और घटनाओं की एक श्रृंखला को सेट करता है, जो अंततः डोपामाइन के स्तर को प्रभावित करता है और हेप्पीनेस और सोच से जुड़े मस्तिष्क के क्षेत्रों को एक्टिव करता है।
डार्क चॉकलेट नहीं होने देगा आपका मूड ऑफ
चॉकलेट में थोड़ी मात्रा में फेनिलथाइलामाइन (पीईए) होता है। ये एक यौगिक है, जो हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं को डोपामाइन जारी करने के लिए संकेत देता है। ऐसे में डार्क चॉकलेट खाने के बाद डोपामाइन रिलीज होता है और आप अच्छा अनुभव करते हैं
हरे पत्ते वाली सब्जियां है डोपामाइन बूस्टर
हरी पत्तेदार सब्जियों को वैज्ञानिक रूप से क्रूसिफेरस वेजिटेबल ग्रुप कहा जाता है, जिसमें लेट्यूस, पालक, गोभी, केल, फूलगोभी, ब्रोकली और कई अन्य शामिल हैं। वे शाकाहारियों के लिए मुख्य डोपामाइन बूस्टर के रूप में कार्य कर सकते हैं।

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