कान नाक गला रोग विशेषज्ञों का राजधानी में हुआ सम्मेलन
रायपुर
कान नाक गला रोग विशेषज्ञों की संस्था एओआई की रायपुर व छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा एक सम्मेलन का आयोजन रविवार को किया गया। पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के स्वर्गीय प्रोफेसर डॉ जेपी निगम एवं प्रथम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर आर एल गुप्ता स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से आए कऱीब 100 कान नाक गला रोग विशेषज्ञों और स्नातकोत्तर ने भाग लिया अतिथि वक्ता के रूप में नागपुर से देश के जाने माने कैंसर सर्जन डॉ मदन कापरे व हैदराबाद के डॉ श्रीनिवास किशोर ने भाग लिया।
डॉ मदन कापरे ने थाइरॉड ग्रंथि की बीमारियों व उसके आॅपरेशन से सम्बंधित बारीकियों को अपने व्याख्यान में विस्तार पूर्वक बताया। डॉ श्रीनिवास किशोर द्वारा खरार्टे व नींद के दौरान साँस रुकने के कारणो व उसके निदान के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। तकनीकी रूप से कठिन आॅपरेशन से खरार्टों को कैसे ठीक किया जा सकता है उसकी बारीकियों पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ नितिन नागरकर व छत्तीसगढ़ शासन संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ विष्णु दत्त ने की।
डॉ विष्णु दत्त ने सतत चिकित्सा शिक्षा और जीवंत कार्य शालाओं की लिए सभी स्पेशलिटी के लिए पहले से व्यवस्था किए हुए आवश्यक फंड की का उपयोग करने का आग्रह किया और यह आश्वासन दिया कि इस प्रकार के उच्च स्तरीय कार्यशाला ओं के लिए छत्तीसगढ़ राज्य शासन हमेशा मदद करता है और आगे भी करता रहेगा। इस अवसर पर एक पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया जिसमें पैनलिस्ट के रूप मे डॉ राकेश गुप्ता , डॉ प्रवीर बैनर्जी , डॉ नागरकर के अलावा अतिथि वक्ताओं ने भी भाग लिया। कार्यशाला के सभापति के रूप में डॉ अनूप वर्मा व डॉ अजीत डहरवाल ने भाग लिया। आयोजन कतार्ओं में डॉ राकेश गुप्ता, डॉ सतीश राठी, डॉ अशोक बजाज, डॉ शैलेंद्र केशरवानी, डॉ अनिल जैन, डॉ ओमप्रकाश लेखवानी , डॉ अरविंद सक्सेना डॉ वर्षा मुंगतवार , डॉ दिग्विजय सिंह प्रमुख रूप से थे।

पाठको की राय