Tuesday, October 20th, 2026

डुप्लिकेट सिम मामला : वोडाफोन आइडिया को चुकाने होंगे 28 लाख

नई दिल्ली
भारी कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। राजस्थान के आईटी (IT) विभाग ने उसे डुप्लिकेट सिम के कारण ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए एक कस्टमर को 27.5 लाख रुपये का पेमेंट करने को कहा है। इसमें 2.31 लाख रुपये का ब्याज शामिल है। अगर कंपनी एक महीने के भीतर भुगतान नहीं करती है तो उस पर 10 फीसदी ब्याज लगाया जाएगा।

वोडाफोन आइडिया ने कस्टमर के दस्तावेजों के प्रॉपर वेरिफिकेशन के बिना डुप्लीकेट सिम कार्ड जारी किया। इसका इस्तेमाल करते हुए ठग ने कस्टमर के बैंक खाते से 68.5 लाख रुपये उड़ा लिए। बाद में उसने 44 लाख रुपये वापस कर दिए। कंपनी ने भानु प्रताप नाम के व्यक्ति को डुप्लिकेट सिम जारी किया जो किसी और व्यक्ति का था। उसने कस्टमर के आईडीबीआई बैंक से 68.5 लाख रुपये अपने अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसने 44 लाख रुपये पीड़ित को लौटा दिए लेकिन उसे बाकी राशि नहीं मिली।

कृष्ण लाल नैन के वोडाफोन आइडिया मोबाइल नंबर ने 25 मई, 2017 को काम करना बंद कर दिया था। वह हनुमानगढ़ में कंपनी के स्टोर में गए और वहां इस बारे में शिकायत की। उन्हें नया नंबर तो मिल गया लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी यह एक्टिवेट नहीं हुआ। फिर वह जयपुर में कंपनी के एक स्टोर में गए और अगले दिन उनका सिम एक्टिवेट हो गया। लेकिन तब तक ठग ने उनके आईडीबीआई अकाउंट से 68.5 लाख रुपये उड़ा लिए थे। इसके लिए उसने ओटीपी का इस्तेमाल किया था।

वोडाफोन आइडिया ने पहचान दस्तावेजों का प्रॉपर वेरिफिकेशन किए बिना डुप्लिकेट सिम कार्ड जारी किया और नया सिम कार्ड एक्टिवेट करने में भी देरी की। इस दौरान ठग ने अपना काम कर लिया। यही वजह है कि कंपनी की इस लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हुए। राजस्थान के आईटी विभाग ने कंपनी को कस्टमर को 27.5 लाख रुपये का पेमेंट करने को कहा है।

 

 

#Duplicate SIM

Source : Agency

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