विदेशी रेज़िन मिलावट के कारण हिंग से हो सकता है खूनी पेचिश का खतरा
प्रोडक्ट्स में मौजूद प्रोडक्ट्स में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह डायजेशन गैजेट्स के काम आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सभी जान के दुश्मन बन सकते हैं। इनमें जोर-शोर से उत्पाद की जा रही है। ऐसी-ऐसी मशीनें डाली जा रही हैं जिससे शरीर को बहुत भारी नुकसान हो सकता है। एकांतदानी में राख हींग भी इससे बच नहीं पाया।
उत्पाद में कम लागत के कारण उत्पाद की अधिक मात्रा बनाई जाती है। इसके लिए ऐसे रसायनों का उपयोग किया जाता है, जो मसाले का रंग-रूप, सुगंध और मात्रा को बढ़ाते हैं। ताजे दूध के लिए केमिकल का उपयोग लंबे समय तक किया जाता है।
हींग का उपयोग क्यों होता है?
हिंग डायजेशन को लाभ वाला मसाला है। आयुर्वेद के अनुसार अपच, गैस, अफारा, पेट दर्द आदि का इलाज करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस और किडनी की पथरी को दूर करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
खूनी दस्त का खतरा हींग में विदेशी रेजिन गैल्बानम और कोलोफोनी रेजिन का उत्पाद होता है। इसके कारण से पौधे से गंभीर लक्षण दिख सकते हैं। इसे खूनी दस्त का प्रमुख कारण माना जाता है। यह समस्या शरीर को बेहद ख़राब बना सकती है।
एफएसएसएआई के अनुसार अगर हींग के अंदर फोरेन रेजिन की उत्पाद देखना हो तो एक स्टील के मसाले में हींग की कुछ मात्रा लें। इसे किसी भी तरह से फॉलो करें और जलाएं। शुद्ध हींग कपूर की तरह के उत्पाद जबकि अन्य उत्पाद ऐसा नहीं होगा।
उत्पाद की एक बोतल पानी में घटिया हींग पाउडर को अच्छी तरह से मिलाया जाता है। इसके अंदर टिंक्चर की ड्रॉप लगाई गई। अगर इसमें सास्ता का उत्पाद होगा तो इस मिक्सर का रंग नीला हो जाएगा।
हिंग में सोप स्टोन या अर्थी मैटर हिंग के अंदर सोप स्टोन और अर्थी मैटर मिलते हैं। इन कीटनाशकों को अप्लाई करने के लिए एक गिलास गर्म पानी के अंदर हींग पाउडर डालें। इसे हिलाएं और फिर बैठें। अगर यह पूरी तरह से नकली नहीं मिलता है तो यह नकली हो सकता है।

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