Thursday, October 22nd, 2026

DPC ने अटकाए अर्धसैनिक बलों में प्रमोशन, 2021 तक के लक्ष्य से पिछड़े, अमित शाह ने दिए निर्देश

 नई दिल्ली
 
समय से डीपीसी नहीं होने से अर्धसैनिक बलों में बड़ी संख्या में प्रोन्नति अटकी हुई है। गृहमंत्री अमित शाह ने इसे गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने के लिए कहा है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के मॉडल कैलेंडर का पालन किया जाना चाहिए। दरअसल, प्रोन्नति के लिए बनी विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें समय से नहीं हो रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में जवानों और अधिकारियों की प्रोन्नति लंबित है। कैलेंडर का पालन ना होने से करीब 71 डीपीसी अर्धसैन्य बलों के पास ही लंबित हैं। ये बैठकें दिसंबर 2021 तक पूरी हो जानी चाहिए थी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसएफ में तैनात एक कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल बनने में 21-22 साल लगते हैं। असम राइफल्स में 21-22, सीआरपीएफ में 17, आईटीबीपी में 13-14, एसएसबी में 13 और सीआईएसएफ में 18 साल का वक्त लग जाता है।

बीएसएफ में हेड कांस्टेबल से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर बनने में 11-12 साल लगते हैं। असम राइफल्स में 5-6 साल, सीआरपीएफ में छह साल, आईटीबीपी में 11-12 साल, एसएसबी में 10 साल और सीआईएसएफ में 11 साल का वक्त लग जाता है। बीएसएफ में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर से सब इंस्पेक्टर बनने में 9-10 साल लगते हैं जबकि असम राइफल्स में 5-6 साल, सीआरपीएफ में 8 साल, आईटीबीपी में 9-10 साल, एसएसबी में 6 साल और सीआईएसएफ में 6 साल का वक्त लग जाता है।
 
बीएसएफ में तैनात सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बनने में 8-9 साल लगते हैं, जबकि असम राइफल्स में 5 साल, सीआरपीएफ में 10 साल, आईटीबीपी में 6-7 साल, एसएसबी में 5 साल और सीआईएसएफ में 10 साल तक का वक्त लग जाता है।

 

 

#DPC ने अटकाए अर्धसैनिक बलों

Source : Agency

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