Saturday, October 31st, 2026

यूरिक एसिड से छुटकारा पाने के लिए ये 4 योगासन करे

शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे बहुत से लोग पीड़ित रहते हैं। यूरिक एसिड एक गंदा पदार्थ है, जो शरीर में प्यूरीन नामक यौगिक की वजह से खून में बनता है। खाने-पीने की कुछ चीजों में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है, जिनके अधिक सेवन से इसका खतरा ज्यादा होता है।

वैसे तो यूरिक एसिड एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और रक्त वाहिकाओं की हिफाजत करता है लेकिन इसका लेवल बढ़ने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे गाउट, किडनी की पथरी, जोड़ों में दर्द आदि का खतरा बढ़ सकता है। बेहतर डाइट, सही आहार और व्यायाम जैसे पैदल चलना, तैरना और योग की मदद से यूरिक एसिड के स्तर को कम किया जा सकता है।

21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और इस अवसर पर अवसर पर फिटनेस गुरु एंड होलिस्टिक एक्सपर्ट मिकी मेहता आपको कुछ योगासन बता रहे हैं, जो खून में यूरिक एसिड लेवल कम करके आपको कई गंभीर समस्याओं से बचा सकते हैं।

ताड़ासन

शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा कम करने के लिए आपको ताड़ासन का अभ्यास करना चाहिए। इसके अलावा यह सरल योग आपको ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है। इसे करने के लिए पैरों के साथ लंबा खड़े हो जाएं। हाथों को ऊपर की तरफ सीधा रखें। पूरी गहरी सांस लें और अपने हाथों को ऊपर उठाएं। हथेलियां एक दूसरे के सामने हों और हाथ सीधे आसमान की ओर हों।

वृक्षासन

यह आपके संतुलन को बेहतर बनाने और आपकी पीठ और पैरों को मजबूत करने के लिए एक बेहतर आसन है। अपने दाहिने पैर को अपनी बाईं जांघ पर ऊपर की ओर रखें। पैर का तलवा सपाट होना चाहिए और मजबूती से रखा जाना चाहिए। अपने बाएं पैर को सीधा रखें और संतुलन पाएं। सांस भरते हुए हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और हथेलियों को आपस में मिला लें। ध्यान रहे कि आपकी रीढ़ सीधी है और कुछ गहरी सांसें लें। धीरे-धीरे सांस छोड़ें और अपने हाथों को नीचे लाएं और अपने दाहिने पैर को छोड़ दें। दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराए

अर्धमत्स्येन्द्रासन

यह मुद्रा यूरिक एसिड लेवल कम करने के साथ कंधों, कूल्हों और पीठ पर भी काम करती है। इसे करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए पैरों को फैलाकर बैठ जाएं। बाएं पैर को मोड़ें और बाएं पैर की एड़ी को दाएं कूल्हे के पास रखें। दाएं पैर को बाएं घुटने के ऊपर ले जाएं और बाएं हाथ को दाएं घुटने पर रखें। दाहिना हाथ अपने पीछे रखें। अपनी कमर, कंधे और गर्दन को दाहिनी ओर मोड़ें और दाहिने कंधे के ऊपर देखें। रीढ़ को सीधा रखते हुए लंबी सांस अंदर और बाहर जारी रखें। सांस छोड़ते हुए पहले दाहिने हाथ को छोड़ें, फिर छाती और कमर को छोड़ें। अपनी गर्दन को ढीला छोड़ दें और आराम से बैठ जाएं। दूसरी तरफ दोहराएं।

 

Source : Agency

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