Wednesday, October 21st, 2026

महिलाओं के साथ समाज में भेदभाव चिंताजनक : शारदा

अमिताभ पाण्डेय, भोपाल
हमारे समाज में महिलाओं के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। महिलाओं छवि मीडिया में भी घर - परिवार का काम करने वाली ही बना दी गई है। महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम माना जाता है। वे आज भी समाज गैरबराबरी की शिकार हैं। महिलाओं के बारे में समाज की जो मानसिकता को बदलना जरूरी है। पुरुषों को परंपरागत रूढ़ियों को तोड़कर महिलाओं को समानता का , बराबरी का दर्जा देना । महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए अवसर उपलब्ध कराने होंगे। महिलाओं को बोलने , नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। मीडिया में भी महिलाओं के सम्मान , रोजगार के लिए  अधिक अवसर उपलब्ध करवाने की जरूरत है।

उक्त आशय के विचार महिलाओं के हक अधिकार पर जागरूकता अभियान चलाने वाली सामाजिक संस्था पापुलेशन फर्स्ट की डायरेक्टर डा. ए एल शारदा में व्यक्त किए।

उन्होंने आज  लैंगिक दृष्टिकोण से मीडिया  रिपोर्टिंग विषय पर आयोजित वर्कशॉप को संबोधित किया। इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर , यू एन एफ पी ए के राज्य कार्यक्रम अधिकारी अनुराग सोनवलकर ने भी महिला समानता , सामाजिक भेदभाव पर विस्तार से अपनी बात रखी । इस वर्कशॉप में छत्तीसगढ़ , मध्यप्रदेश के 26  पत्रकार भाग ले रहे हैं। इनमें ऋतु मोतियाल ,  नितिन साहनी , तारा चितूर मेनन,  यश साधक श्रीवास्तव , वर्षा यादव , सदफ खान , नासिरा मंसूरी , अलीशा,  रश्मि एस दुबे , सुधीर आजाद तंबोली , प्रियंका पांडे , सोनम शर्मा , डा अनु श्रीवास्तव , दिलशा नंदी , गौरव दुबे ,  रोहित शिवहरे , शिवम शुक्ला , जयप्रकाश सिंह , अन्नू कुमारी , विधिषा बड़केलवार ,  वरुल चतुर्वेदी , अनुपम श्रीवास्तव भी शामिल हैं।

 

Source : Agency

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