यूरो कप के नॉकआउट के लिए डेनमार्क और वेल्स भिड़त
एम्स्टर्डम
पहले मैच में ही टीम के एक खिलाड़ी को बीच मैदान में दिल का दौरा पड़ जाता है और टीम का मनोबल टूट कर बिखर जाता है। पूरे विश्व जगत भर से डेनमार्क के खिलाड़ी क्रिस्टियन एरिक्सन के लिए प्रार्थनाओं का तांता सा लग जाता है। इस भावुक घटना के बावजूद डेनमार्क की टीम बिखरी नहीं और इस दर्द को दिल मे दबाकर मैदान में दमदार वापसी करती है। पिछले मैच में रूस को 4-1 से हराकर नाकआउट में प्रवेश करने वाली डेनमार्क अब फुटबाल के मिनी विश्व कप में एक बार फिर इसी दर्द से प्रेरणा लेकर पहली बार टूर्नामेंट में वेल्स का सामना करने के लिए तैयार है।
इससे इतर वेल्स टीम के कोच राब पेज ने नाकआउट में जगह बनाने के बाद टीम में कुछ बदलाव किए और उसमें भी उन्हें सफलता मिली है। पिछले मैच में इटली से मिली हार के बाद वेल्स की टीम जीत की पटरी पर वापसी करने के लिए पूरा जोर लगा देगी।
वेल्स को खलेगी अम्पाडु की कमी
वेल्स की टीम को इस मैच में अपने युवा खिलाड़ी एथन अम्पाडु की कमी खलेगी, जिन्हें पिछले मैच में इटली के खिलाफ मैच में रेफरी ने फाउल करने पर सीधे रेड कार्ड दिखा दिया था। इसके साथ ही वह यूरो कप टूर्नामेंट में सीधे रेड कार्ड पाने वाले सबसे युवा ( 20 साल 279 दिन की उम्र) खिलाड़ी बन गए थे। हालांकि निलंबन के चलते वह इस महत्वपूर्ण मैच में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे।

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