Tuesday, October 20th, 2026

बक्सवाहा में पुरातत्व विभाग की जांच पूरी होने तक माइनिंग पर रोक लगाने की मांग

जबलपुर
प्रदेश में पर्यावरण को खतरे को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बक्सवाहा के मामले में पर्यावरण संरक्षण की चिंता करने वाले वृक्षों को बचाने कमर कसे हुए हैं। यह मामला एनजीटी से हाई कोर्ट तब उठाया गया है। एनजीओ के दखल के बाद पुरातत्व विभाग ने सर्वे किया। अब जनहित याचिकाकर्ता पुरातत्व विभाग की जांच पूरी होने तक अंतरिम आदेश पर जोर दे रहा है। उसका कहना है कि जब तक वस्तुिस्थति साफ नहीं होती एक भी पेड़ नहीं कटना चाहिए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बक्सवाहा के जंगल में पुरातत्व विभाग की जांच पूरी होने तक माइनिंग पर रोक लगाने के लिए आवेदन दायर किया गया है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने आवेदन पर सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए निर्धारित कर दी है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर के प्रांताध्यक्ष डा. पीजी नाजपांडे की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि बक्सवाहा के जंगल में पाषाण युग की रॉक पेंटिंग मिली है।

अधिवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने आवेदन दायर तर्क दिया कि बक्सवाहा के जंगल में जब तक पुरातत्व विभाग की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब माइनिंग पर रोक लगाई जाए। उन्होंने पुरातत्व विभाग जबलपुर की सर्वे रिपोर्ट भी पेश की। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान केन्द्र व राज्य सरकार और पुरातत्व विभाग को जवाब पेश करने का भी निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने एस्सेल माइनिंग कंपनी की ओर से प्रस्तुत आवेदन पर याचिकाकर्ता को जवाब प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।

 

#बक्सवाहा में पुरातत्व

Source : Agency

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