Wednesday, October 21st, 2026

बैतूल जिले के जैविक गेहूँ, चावल की माँग बढ़ रही है अन्य राज्यों में

भोपाल

बैतूल जिले के गाँव सोहागपुर के किसान स्वदेश चौधरी, जैविक खेती अपनाने वाले जिले के किसानों में प्रमुख हैं। वे अपनी 25 एकड़ जमीन में से 5 एकड़ में गेहूँ, चावल, धनिया, तूअर, मटर, चना, मेथी और लहसुन की जैविक खेती कर रहे हैं। स्थानीय बाजार के साथ उनका जैविक गेहूँ और चावल छत्तीसगढ़ के रायपुर, महाराष्ट्र के नागपुर, तेलंगाना के हैदराबाद में स्थाई ग्राहकों को विक्रय किया जा रहा है। जैविक उत्पादों की गुणवत्ता के कारण स्वदेश चौधरी के जैविक उत्पादों की माँग निरंतर बढ़ती जा रही है।

चौधरी बताते हैं कि वे पिछले 12 सालों से जैविक खेती कर रहे हैं। उनके जैविक उत्पाद मध्यप्रदेश राज्य जैविक प्रमाणीकरण संस्था भोपाल से पंजीकृत हैं। पाँच एकड़ जमीन में से वे साढ़े चार एकड़ में गेहूँ, चावल और मूंगफली की फसल और शेष आधे एकड़ में जैविक धनिया, तूअर, मटर, चना, मेथी और लहसुन उगाते हैं। उन्हें रबी सीजन में लगभग 50 क्विंटल गेहूँ और खरीफ सीजन में इतना ही चावल मिल जाता हैं। मानव स्वास्थ्य के अनुकूल जैविक उत्पादों की माँग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है और इसमें लाभ भी अच्छा मिल जाता है। इसलिए स्वदेश चौधरी जैविक खेती और जैविक खेती का क्षेत्र बढ़ाने का विचार कर रहे हैं।

स्वदेश चौधरी बैतूल जिला मुख्यालय पर स्थापित जैविक हाट बाजार के माध्यम से भी गेहूँ, चावल और अपने अन्य जैविक उत्पाद बेचते हैं। चौधरी ने बताया कि इन सभी जैविक उत्पादों से उन्हें 7 लाख रूपये की वार्षिक आय होती है।

 

 

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Source : Agency

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