वरिष्ठ साहित्यकार राजुरकर राज का स्वर्गवास
( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल । आकाशवाणी, भोपाल में वरिष्ठ उद्घोषक रहे और दुष्यंत संग्रहालय के संस्थापक राजुरकर राज कल रात हमारे बीच नहीं रहे। अपने गृहनगर बैतूल के अस्पताल में उन्होंने आख़िरी सांस ली।
श्री राज को कला जगत में उनकी सक्रियता के लिए जाना जाता था । उन्होंने साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्हें शासन और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने कई बार सम्मानित किया । उनके देवलोक चले जाने से साहित्य , समाज की सेवा को समर्पित एक हंसमुख व्यक्तित्व कम हो गया है। उनकी कमी पूरी नहीं हो सकेगी।
साहित्य और समाज के क्षेत्रों में राजुरकर राज को कला - साहित्य - संगीत - रंगकर्म के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन पर आकाशवाणी भोपाल के अधिकारियों , कर्मचारियों , संस्कृति कर्मियों , सामाजिक कार्यकर्ताओं , साहित्यकारों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने गहरा दुख प्रकट किया है।

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