Saturday, October 24th, 2026
Breaking
  •    आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित  •    योगी सरकार में बेटियों के विवाह की पहल लोकप्रियता के शिखर पर, सामूहिक विवाह योजना में 1.16 लाख से अधिक आवेदन  •    जातीय कला, संस्कृति और हुनर को मिलेगा नया बाजार, कारीगरों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त माध्यम बनेगा ‘आदि बाजार 2026’ : मंत्री रामविचार नेताम  •    नर्मदा सिंचाई परियोजना से धार-झाबुआ के 260 गांवों को लाभ, 57 हजार हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित  •    भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पुस्तकों के लेखन के लिए भोपाल में दो दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

देश की पहली महिला CJI 2027 तक ,कॉलेजियम ने महिलाओं समेत 9 नामों की सिफारिश की

नई दिल्ली

भारत को 2027 में  पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने मंगलवार को 22 महीने बाद नौ नामों की सिफारिश भेजी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने सरकार पास ये 9 नाम भेजे हैं जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल है। बता दें कि इन नामों में से कोई एक आने वाले समय में भारत की पहली महिला तीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बन सकती हैं।

सरकार को भेजे गए नामों में कर्नाटक उच्च न्यायालय (एचसी) से न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना का नाम भी शामिल है, जो अब पदोन्नत होने पर 2027 में देश की पहली महिला सीजेआई बन सकती हैं। न्यायमूर्ति नागरत्ना के अलावा, पांच सदस्यीय कॉलेजियम द्वारा चुनी गई अन्य दो महिला न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति हिमा कोहली, तेलंगाना एचसी की मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी, गुजरात एचसी में न्यायाधीश शामिल हैं।

कॉलजियम द्वारा दिए गए बाकी नामों में नामों में जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका (कर्नाटक एचसी के मुख्य न्यायाधीश), विक्रम नाथ (गुजरात एचसी के मुख्य न्यायाधीश), जितेंद्र कुमार माहेश्वरी (सिक्किम एचसी के मुख्य न्यायाधीश) , सीटी रविकुमार (केरल एचसी में न्यायाधीश) और एमएम सुंदरेश (केरल एचसी में न्यायाधीश) शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट में कॉलेजियम में CJI एनवी रमना, और जस्टिस उदय यू ललित, एएम खानविलकर, धनंजय वाई चंद्रचूड़ और एल नागेश्वर राव शामिल थे।

 

 

#पहली महिला CJI

Source : Agency

पाठको की राय