बच्ची को जन्म देकर कोरोना से हार गई कोरोना योद्धा
कवर्धा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से दूसरो को किनारे पहुचाते हुए कोरोना योद्धा स्वस्थ बच्ची को जन्म देने के बीस दिन बाद स्वंय कोरोना से जंग हारकर हमेशा के लिये दुनिया से रूख्सत हो गई।
ब्लॉक के ग्राम लिमो में कोरोना संक्रमण से जूझते हुए नर्स प्रभा बंजारे ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड दिया। उसकी पोस्टिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरवार खुर्द, लोरमी (मुंगेली) में थी। 9 माह से गर्भवती होते हुए भी वह कोविड में ड्यूटी कर रही थी। गर्भावस्था के दौरान ग्राम कापादाह में किराए के कमरे में अकेली रहती थी। वहीं से हॉस्पिटल आना-जाना करती थी। दिवंगत नर्स प्रभा पति भेषकुमार बंजारे (28 वर्ष) 9 माह से गर्भवती अवस्था में कोविड में ड्यूटी करती रही। 30 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर उसे कवर्धा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिजेरियन आॅपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। हॉस्पिटल में रहते हुए उसे कई बार बुखार आया। डिस्चार्ज होने पर जब वह घर पहुंची थी, बुखार के साथ खांसी शुरू हो गई। एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे कवर्धा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। आॅक्सीजन लेवल कम होने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान कोरोना से उसकी मृत्यु हो गई।
कमरे में बैठी क्या करूंगी, यह कहना था गर्भवती नर्स प्रभा का और अपने कर्तव्य पर डटी रही। पति भेष कुमार बताते हैं कि प्रभा जब 3 महीने के गर्भ से थी, तभी उसने प्रभा से कहा था कि छुट्?टी ले लो। गर्भावस्था में हॉस्पिटल में ड्यूटी करना और अस्पताल अप-डाउन करने में दिक्कत होगी। इस पर प्रभा ने जवाब दिया कि छुट्?टी लेकर कमरे में बैठी क्या करूंगी। इससे अच्छा ड्यूटी में रहूंगी। और वह गर्भावस्था में भी पूरे 9 महीने तक अस्पताल में ड्यूटी करती रही। जब प्रसव पीड़ा हुई और नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पा रही थी, तब उसे सिजेरियन प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रभा बंजारे सांकरा, धरसींवा (रायपुर) की रहने निवासी है। पिछले वर्ष जून 2020 में लॉकडाउन के दौरान दरम्यान ही उसकी शादी ग्राम लिमो (कवर्धा) के रहने वाले भेषकुमार के साथ हुई थी। दोनों का विवाह हुआ था। पति भेषकुमार ने बताया कि बच्ची का अभी नामकरण संस्कार नहीं हुआ है।
भेष कुमार बंजारे बताते हैं कि उनकी पत्नी प्रभा और उसकी नवजात बच्ची दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बच्ची को दूसरे हॉस्पिटल में भर्ती किया था। अभी वह स्वस्थ है और रायपुर में अपनी नानी की देखरेख में है। प्रभा के फेफड़ों में 80 फीसदी तक इंफेक्शन हो गया था, जिसके चलते उसकी जान नहीं बची।

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