Wednesday, October 21st, 2026

कोरोना महामारी: राज्यों में लॉकडाउन से 40 लाख नौकरियां जाने का खतरा

नई दिल्ली 
देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में प्रतिबंधों के चलते 80 फीसदी दुकानें बंद हैं। वहीं जो बाकी की 20 फीसदी खुली हैं वहां भी ग्राहक नहीं आ रहे हैं। ऐसे में रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से आशंका जाहिर की गई है कि अगर जल्द सरकार और रिजर्व बैंक मदद के लिए सामने नहीं आया तो सीधे तौर पर 40 लाख नौकरियां जाने का खतरा है। रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने वित्तमंत्री को चिट्ठी लिखकर राज्यों में लॉकडाउन और कर्फ्यू जैसे हालात से पैदा हुई परिस्थितियों से अवगत कराया। इसके अलावा कारोबारियों की तरफ से सभी तरह के कर्ज के ब्याज पर छूट देने की भी मांग की गई है। कारोबारियों की दलील है कि रिटेल कारोबार में मार्जिन कम होता है। आज के कारोबारी माहौल में बिना आमदनी या फिर बेहत कम आमदनी के चलते ब्याज का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में मांग की गई है कि रिटेल क्षेत्र के सभी कर्ज पर छह फीसदी का ही ब्याज लगाया जाए और इसके लिए सरकार जरूरी स्कीम लेकर आए।
 
संगठन ने मांग की है कि रिटेल कारोबारियों के लिए इमर्जेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम दायरा बढ़ाया जाए। वहीं छह महीने तक लिए गए कर्ज के मूलधन और ब्याज पर मोरटोरियम देने की भी मांग की गई है। सरकार से रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने ये भी अपील की है है कि रिजर्व बैंक के जरिए कारोबारियों की कार्यशील पूंजी का दायरा बढ़ाते हुए उन्हें विशेष कर्ज दिया जाए। ये कर्ज उनकी सीमा का 30 फीसदी अधिक होना चाहिए ताकि मौजूदा कई राज्यों में लॉकडाउन और सख्त कर्फ्यू जैसे हालात में कर्मचारियों की तन्ख्वाह दी जा सके।
 

 

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Source : Agency

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