मानसून सत्र को एक सप्ताह करने की मांग करेगी कांग्रेस
भोपाल
विधानसभा का मानसून सत्र चार दिन का होने को लेकर कांग्रेस आपत्ति कर रही है। कांग्रेस की मांग है कि इस सत्र को कम से कम एक सप्ताह का किया जाना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर में हुई मौतों के साथ ही नेमावर में हुई घटना और महिला अपराधों को लेकर कांग्रेस इस सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सरकार को घेरने की तैयारियों पर कांग्रेस को झटका लगा है इसलिए कांग्रेस ने चार दिन के विधानसभा सत्र को लेकर आपत्ति की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा कर सकते हैं और पत्र भी लिख सकते हैं। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही में पहले दिन गृह विभाग और कृषि विभाग के प्रश्नों को लिया जा रहा है। जबकि आखिरी दिन चिकित्सा शिक्षा, राजस्व विभागों के प्रश्न आएंगे।
पहले दिन श्रद्धांजलि देकर स्थगित हो जाएगी
वर्मा का कहना है कि विधानसभा के तीन सदस्यों का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया है। इसलिए पहले दिन इन सभी के प्रति सदन संवेदना प्रकट करेगा और सदन उस दिन स्थगित हो जाएगा। ऐसे में गृह और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग के प्रश्न चर्चा में आ ही नहीं पाएंगे। जबकि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। नेमावर सहित कई जिलों में जघन्य अपराध हुए हैं, उन पर चर्चा के लिए समय ही नहीं मिलेगा। वहीं आखिरी दिन चिकित्सा शिक्षा और राजस्व जैसे विभाग रखे हैं। आखिरी दिन आमतौर पर हंगामा होता है, ऐसे में कोरोना में हुई मौतों पर भी ज्यादा चर्चा नहीं हो सकेगी। इसलिए नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ मांग करेंगे कि सत्र कम से कम एक सप्ताह का होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ इस मामले में सीएम से बात करेंगे।

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