Friday, October 23rd, 2026

ग्वालियर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डिलेवरी के दौरान महिला की मौत पर सफाई कर्मी के सस्पेंशन पर कांग्रेस का हंगामा

भोपाल
ग्वालियर जिले के मोहना थानांतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती आदिवासी महिला की डिलेवरी के दौरान हुई मौत पर जिम्मेदार चिकित्सकों और वरिष्ठ कर्मचारियों की जगह एक सफाईकर्मी को सस्पेंड किए जाने के मामले पर आज कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में काफी शोरगुल किया। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि सफाईकर्मी का इसमें कोई दोष नहीं था उसे बहाल किया जाए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने सदन में घोषणा की कि उसे पुन: काम पर रखा जाएगा और इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच चल रही है उसके आधार पर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

कांग्रेस विधायक लाखन सिंह यादव ने यह मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केन्द्र में डिलेवरी के दौरान मौत होंने पर भृत्य को हटा दिया गया जबकि उसका वहां कोई काम ही नहीं था। उन्होंनें मंत्री से पूछा कि उस समय ड्यूटी परा कौन था और इस मामले में स्वीपर कैसे दोषी है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा कि अस्पताल में हुई मौत की जांच के लिए एक दल गठित किया गया था। उसकी रिपोर्ट पर सफाईकर्मी को दोषी पाए जाने के बाद सस्पैंड किया गया है।  इस पर कांग्रेस के डॉ गोविंद सिंह ने कहा की जांच कराई जाए, सफाईकर्मी को क्यों हटा दिया गया। लाखन सिंह ने कहा कि उन्हें असत्य जानकारी दी गई। मंत्री असत्य बोल रहे है।

 इस पर अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि इसके लिए और भी तरीके है वे उनका उपयोग करे। इस पर कांग्रेस विधायक खड़े होकर शोर मचाने लगे उनका कहना था कि संविदा कर्मी को गलत सस्पैंड किया गया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम उसे पुन: रख लेंगे।

पीएचई एसडीओ के निलंबन की मांग
विधायक राजवर्धन सिंह ने अपने क्षेत्र के पीएचई एसडीओ के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि अधिकारी द्वारा विभाग के टेंडर और काम कराने में व्यापक अनियमितता की गई है। दो बार टेंडर निरस्त करने के बाद उसी को कोटेशन में टेंडर दिया जिसे पहले ठेका मिलना था। बाद में 36 लाख का भुगतान भी कर दिया।

 

Source : Agency

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