प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूर्ण करें - एसीएस डॉ. राजौरा
भोपाल
अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये पायलेट प्रोजेक्ट की समस्त कार्यवाही को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक में सामुदायिक भागीदारी सड़क सुरक्षा परियोजना (सीपीआरएसपी) के इंदौर, धार और दतिया में पायलेट प्रोजेक्ट के समयावधि में क्रियान्वयन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये निर्देश दिये गये। बैठक में अपर मुख्य सचिव परिवहन एस.एन. मिश्रा भी मौजूद रहे। एसीएस डॉ. राजौरा ने कम्युनिटी पार्टीसिपेटरी रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट को इंदौर, धार और दतिया में बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम से मृत्यु दर में कमी लाने के लिये इंदौर, धार और दतिया में चलाये जाने वाले एक वर्ष के पायलेट प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिये जिलों को मॉडल डिस्ट्रिक्ट बनायें। डॉ. राजौरा ने एडीजी पीटीआरआई जी. जनार्दन को इन जिलों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने को कहा। बैठक में एसीएस परिवहन मिश्रा ने चिन्हांकित समस्त ब्लैक स्पॉट्स वाले क्षेत्रों में सड़कों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने की आवश्यकता जताई।
बैठक में प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन संबंधी जानकारी मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण की सीईओ सुतन्वी सुंदरियाल ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन से दी। उन्होंने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट को 10 माह की समयावधि में पूर्ण करना है। पायलेट प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, एन्फोर्समेंट, हेल्थ और अवेयरनेस पर केन्द्रित है। इनका सही प्रकार से क्रियान्वयन होने पर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। बैठक में एडीजी टेलीकाम एस.के. झा, एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर, सचिव गृह डी. श्रीनिवास वर्मा और अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

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